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- Suspected Businessman From Jabalpur Came Out, Trying To Avoid Calling Himself A Teenager, Turns Out To Be A 22 year old
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जबलपुर18 मिनट पहले
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50 लाख रुपए के साथ पकड़ी गई युवती
- आरपीएफ ने पूरा मामला आयकर विभाग को किया हैंडओवर, फरार साथी की तलाश
आरपीएफ द्वारा रविवार देर रात मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से जब्त किए गए 50 लाख रुपए हवाला का निकला। ये रकम करमचंद चौक स्थित एक संदिग्ध व्यापारी का बताया जा रहा है। पूर्व में भी उसके हवाला कारोबार का खुलासा हो चुका है। कोरोना के चलते एक बार फिर उसने हवाला का काम तेज कर दिया है। सूत्रों की मानें तो कोरोना के चलते तीन प्रतिशत पर होने वाला हवाला कारोबार सात प्रतिशत के कमीशन तक पहुंच गया है। सोमवार को आरपीएफ ने पूरा मामला आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग को सौंप दिया। ज्वाइंट डायरेक्टर आशीष डेहरिया ने बताया की छानबीन के बाद पूरे प्रकरण का खुलासा करेंगे।
रात भर खुद को बताती रही किशोरी, निकली बालिग
आरपीएफ की गिरफ्त में आई आरोपी पूरी रात खुद को नाबालिग बताती रही। जब जांच हुई तो पता चला कि वह 22 वर्ष की बालिग है। आरोपी युवती ने ट्रेन रिजर्वेशन में खुद का नाम चंचल उर्फ मुस्कान लिखाया है। वहीं उसके साथ कोई दूसरी युवती नहीं एक युवक आने वाला था। इस युवक का नाम उसने दीपक बताया है। महानगरी एक्सप्रेस रात के 10.30 बजे के लगभग छूटने वाली थी। उससे पहले आरपीएफ ने युवती को नोटों के भरे बैग के साथ पकड़ा था।

युवती से जब्त 50 लाख रुपए
पुराने हवाला कारोबारी का नाम आया सामने
आरपीएफ सूत्रों की मानें तो पूछताछ में युवती ने करमचंद चौक स्थित एक दुकान में काम करना बताया। उसे पांच हजार रुपए रकम पहुंचाने के एवज में मिलते। स्लीपर बोगी में उसका रिजर्वेशन हुआ था। इसी बोगी में दीपक का भी रिजर्वेशन था। दोनों को दादर में ये रकम हैंडओवर करना था। उसके बारे में उन्हें जानकारी वहां पहुंचने के बाद दी जाती। आयकर की इन्वेस्टिगेशन विंग की पूछताछ में पता चला है कि दोनों पुराने हवाला कारोबारी के लिए बतौर पैडलर की भूमिका निभा रहे थे। हालांकि विंग अभी इसकी पुष्टि करने के बाद ही कोई अधिकृत बयान जारी करने की बात कह रही है।
जिले में हवाला का गहरा नेटवर्क
- 24 अक्टूबर को जीआरपी ने गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे रामपुर दुर्गा नगर निवासी दीपक विश्वकर्मा को 4.50 लाख रुपए के साथ पकड़ा था। दिल्ली में किसी कमलेश को पैसे देने थे।
- 02 अक्टूबर को जीआरपी ने पाटलिपुत्र से मुंबई जाने वाली ट्रेन से थानाराम नाम के सराफा कर्मी को 1.27 करोड़ रुपए और 6 किलो चांदी के साथ पकड़ा था। ये रकम सराफा व्यापारी अशोक चौधरी का निकला था।
- 14 जून 2019 को जबलपुर जीआरपी ने गुजरात के दो कारोबारी पत्थूजी और संजय कुमार दवे को 21.11 लाख रुपए के साथ पकड़ा था।
- 05 जनवरी 2019 को ओमती पुलिस ने मुस्कान हाइट्स के पास 49 लाख रुपए हवाला का पकड़ा था।
- 18 नवंबर 2018 को कटनी के दवित पंजवानी और नितिन ज्वेलर्स के यहां 300 करोड़ रुपए हवाला कारोबार का खुलासा हुआ था।
- 27 जुलाई 2018 को करमचंद चौक के पास एक महिला व उसके प्रेमी को पुलिस उठा ले गई थी। उसने इटारसी में 60 लाख रुपए हवाला का प्रेमी को दे दिया था।
- 31 अगस्त 2018 को एसटीएफ ने 35 लाख रुपए लालमाटी निवासी सुरेंद्र, सोनू मनवानी व अमित शर्मा से जब्त किए थे।
पूर्व में ये हवाला कारोबारी पकड़े जा चुके हैं
आयकर की इन्वेस्टिगेशन विंग ने पिछले दो वर्षों में पंजू गोस्वामी, क्रिकेट सटोरिया सतीष सनपाल, खूबचंद लालवानी, अतुल खत्री, गुजरात के हंसमुख कुमार-कांतिलाल फर्म को हवाला कारोबार के मामले में पकड़ चुकी है। जिले में सट्टा, सराफा, मशीनरी से जुड़े व्यापारी, लोहा-सीमेंट व स्टील व्यापारी, खिलौना व्यापारी और माइनिंग से जुड़े व्यापारी हवाला के जरिए नकद लेन-देन करते हैं।

हवाला की रकम की फाइल फोटो
300 शहरों में फैला है नेटवर्क
03 अप्रैल 2019 को आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने शांतिनगर निवासी खूबचंद लालवानी उर्फ बंटी के यहां छापे में एक करोड़ रुपए पकड़े थे। तब उसके पास से जब्त दस्तावेजों से पता चला था कि पांच वर्षों से दिल्ली, मुम्बई, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद सहित देश के 300 शहरों में 4100 करोड़ रुपए हवाला के जरिए भेजा था। इसी तरह 15 नवंबर 2018 को पंजू गोस्वामी के हवाला कारोबार का खुलासा हुआ तो शहर के लोग भी सन्न रह गए। 1600 करोड़ रुपए उसने हवाला के जरिए विभिन्न शहरों में तीन वर्षों में भेजा था।
इसलिए नहीं रुक रहा कारोबार
आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग हवाला कारोबारी को पकडऩे के बाद जुर्माना रकम सरेंडर कराकर छोड़ देती है। इन कारोबारियों की काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति जब्त करने की एक भी कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों की मानें तो समानान्तर अर्थव्यवस्था चला रहे हवाला कारोबारी भी जुर्माना भरकर छूट जाते हैं और फिर से कारोबार शुरू कर देते हैं।
अधिकारियों ने ये बताया
-रेलवे एक्ट की धारा 142 व 148 के तहत रकम की जब्ती बनाई गई है। कोर्ट में ये रकम जमा कराया जाएगा। 10 लाख से अधिक का रकम होने की वजह से आयकर विभाग को प्रकरण सौंप दिया गया है। आगे की जांच और कार्रवाई अब आयकर विभाग ही करेगी।
अरुण त्रिपाठी, कमांडेंट आरपीएफ, जबलपुर रेल मंडल
-युवती से पैसों के बावत विस्तृत पूछताछ की जा रही है। एक व्यापारी का नाम सामने आया है। अभी इसकी पुष्टि की जा रही है। पैसों के बावत युवती के पास कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। इस कारण इसके हवाला की रकम होने का संदेह है। विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही दे पाएंगे।
आशीष डेहरिया, ज्वाइंट कमिश्नर, इन्वेस्टिगेशन विंग, आयकर विभाग