विराट कोहली ने दूसरे वनडे मैच में 89 रन की पारी खेली और एक बार फिर से शतक जड़ने में नाकाम रहे. (Photo: AP)
विराट कोहली पिछली 24 पारियों में एक भी इंटनेशनल शतक नहीं जड़ पाए हैं. उन्होंने इन 24 मैचों में 39.95 की औसत से कुल मिलाकर 839 रन बनाए हैं. इस दौरान विराट कोहली ने सात अर्धशतक जड़े, लेकिन एक बार भी 100 का आंकड़ा नहीं छू पाया.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 30, 2020, 10:15 AM IST
विराट कोहली जब तक क्रीज पर थे, तब तक भारत के पास रिकॉर्ड तोड़ने का मौका था. उन्हें अपनी पारी को शतक में बदलने की जरूरत थी, जैसा कि उन्होंने अतीत में कई बार किया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अक्टूबर 2015 (दक्षिण अफ्रीका) – जनवरी 2016 (ऑस्ट्रेलिया) के बाद पहली बार भारत ने लगातार 5वीं वनडे और महत्वपूर्ण दूसरी द्विपक्षीय सीरीज गंवा दी. विराट कोहली पिछली 24 पारियों में एक भी इंटनेशनल शतक नहीं जड़ पाए हैं. उन्होंने इन 24 मैचों में 39.95 की औसत से कुल मिलाकर 839 रन बनाए हैं. इस दौरान विराट कोहली ने सात अर्धशतक जड़े, लेकिन एक बार भी 100 का आंकड़ा नहीं छू पाया.
एक बल्लेबाज, जिसने 462 इंटरनेशनल मैचों में 70 शतक जड़े हों यानी हर एक शतक 6.6 पारी के बाद आ रहा है. यह आंकड़ा काफी खराब है. ऑस्ट्रेलिया में चल रही वनडे सीरीज के साथ कोहली ने अपनी पिछली 4 सीरीज में शतक नहीं बनाया है (न्यूजीलैंड में, भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ). ऐसा बहुत ही कम हुआ है. जब कोहली अपने वनडे करियर में तीन या उससे ज्यादा सीरीज में शतक ना जड़ पाए हों. इससे पहले ऐसा केवल तीन ही अवसरों पर उनके वनडे करियर में हुआ है. इस फॉर्मेट में उनकी निरंतरता लगातार बनी रही है, लेकिन वर्तमान में उनकी फॉर्म में गिरावट देखने को मिल रही है.भारतीय कप्तान ने पिछले तीन वनडे मैचों की सीरीज में दो में 30 से कम की औसत बल्लेबाजी की थी (वेस्टइंडीज के खिलाफ घर में और न्यूजीलैंड के खिलाफ कीवी सरजमीं पर). कोहली दूसरे फॉर्मेट में भी शानदार फॉर्म में नहीं हैं. वह 2020 में 6 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अर्धशतक दर्ज करने में नाकाम रहे हैं. इस फॉर्मेट में भी उनका रिकॉर्ड वनडे की तरह रहा है. कोहली न्यूजीलैंड में टेस्ट सीरीज में 4 पारियों में सिर्फ 38 रन ही बना सके थे.
विराट कोहली के शतकों के बीच अंतराल की तुलना उनके पिछले 24 इंटरनेशनल मैचों के आंकड़ों से की जाए तो इसमें बड़ा अंतर है. उस दौरान उन्होंने 71.21 की औसत से 1353 रन बनाए थे, जिसमें 4 शतक और 8 अर्द्धशतक शामिल थे. कोहली का औसत 6 दिसंबर, 2020 के बाद से उन 37 बल्लेबाजों में से 23 वें स्थान पर है, जिन्होंने न्यूनतम 400 इंटरनेशनल रन बनाए हैं. विराट कोहली के इस चमकदार करियर में यह अंतराल एक दाग बन सकता है. वास्तव में उनके 12 साल के इंटरनेशनल करियर और 462 पारियों में सिर्फ दो बार ही ऐसा दाग लगा है.
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विराट कोहली अपने करियर में सिर्फ दो बार अंतरराष्ट्रीय शतक जमाए बिना 20 या उससे अधिक पारियों की अवधि से गुजरे हैं. वह 24 पारियों के अंतराल में बिना शतक के 27 फरवरी 2011 से 11 सितबंर 2011 के बीच रहे थे. 16 सितंबर को कार्डिफ में वनडे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़ने से पहले. विराट कोहली के करियर में ऐसा दूसरा लम्हा 25 पारियों का आया था, जो सबसे लंबा भी है. बांग्लादेश में एशिया कप (28 फरवरी 2014) से लेकर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज तक (11 अक्टूबर 2014). कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पिछले दो खराब चरणों में से प्रत्येक के बाद उम्दा शैली में वापसी की है. भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि उनका कप्तान तीसरी बार भी भाग्यशाली होगा!