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भिंडएक दिन पहले
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कलेक्टोरेट में धरना देते बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारी, धरने के बाद संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
- मारपीट के मामले में आरोपी सहायक यंत्री के समर्थन में बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने कलेक्टोरेट का किया घेराव
मारपीट के मामले में बिजली कंपनी के एक सहायक यंत्री के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जेल भेज दिए जाने के विरोध में कंपनी के सभी कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को बिजली कंपनी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कलेक्टोरेट का घेराव कर संयुक्त कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से धमकी दी है कि यदि उनके सहायक यंत्री को 24 घंटे के भीतर नहीं छोड़ा गया तो वे संपूर्ण जिले की बिजली गुल कर देंगे और इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।
दरअसल पुरानी बस्ती विलवार मोहल्ला निवासी छुट्टन उर्फ सुभाष तोमर ने कोतवाली पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 नवंबर की रात करीब 10 बजे जब वे अपने घर भवानीपुरा होते हुए जा रहे थे, तभी डल्ले गुबरेले के घर के सामने वाली गली में रास्ते गिर्राज राठौर, रवि राठौर और बिजली कंपनी के सहायक यंत्री नरेंद्र तरवरिया हाथ में लाठी, डंडे लिए मिले और पुरानी रंजिश पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे छुट्टन उर्फ सुभाष तोमर का सिर फट गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने छुट्टन को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। साथ ही उक्त आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण कायम कर उनकी गिरफ्तारी कर ली।
कनेक्शन काटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद, पहले सहायकयंत्री ने दर्ज कराई थी शिकायत
बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी के सहायक यंत्री नरेंद्र तरवरिया से पीडीएस कनेक्शन काटने को लेकर भूरे गुबरेले और छुट्टन उर्फ सुभाष तोमर से विवाद हुआ था। विवाद में कुछ पैसों के लेनदेन की बात थी। इस पर अक्टूबर महीने में सहायक यंत्री तरवरिया ने देहात थाना में भूरे गुबरेले और छुट्टन उर्फ सुभाष तोमर पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया था। इस अपराध में रवि राठौर गवाह था। इसके बाद 13 अक्टूबर को गिर्राज राठौर ने शहर कोतवाली में भूरे गुबरेले और सुभाष तोमर के खिलाफ दूसरा मारपीट का मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद 28 नवंबर को इनके बीच पुनः विवाद हुआ। जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम हुआ।
पुलिस ने सहायकयंत्री को आरोपी बनाने की कहा तो कटवा दी कोतवाली की बिजली
शनिवार की रात सुभाष तोमर के कोतवाली पहुंचने के बाद जब एई नरेंद्र तरवरिया, रवि राठौर और गिर्राज राठौर कोतवाली पहुंचे तो थाना प्रभारी पंकज मुदगल ने उन्हें बताया कि घायल व्यक्ति ने आपके द्वारा भी मारपीट करना बताया है। इसलिए आपके खिलाफ एफआईआर लिखी जा रही है। यह बात रात करीब 11.30 बजे से 12 बजे के बीच की है। इस पर एई तरवरिया ने कोतवाली क्षेत्र की बिजली कटवा दी। ताकि एफआईआर नहीं लिखी जा सके। वहीं जब काफी देर तक बिजली नहीं आई तो कोतवाली पुलिस ने पता किया तो बताया गया कि एई तरवरिया ने गोल मार्केट पर आग लगने की वजह से परमिट लिया है। जबकि गोल मार्केट पर कोई आग नहीं लगी थी। तब पुलिस ने लाइट चालू करवाकर रात 2.30 बजे एफआईआर दर्ज की।
बिजली कर्मचारी बोले- सहायक यंत्री तो रिपोर्ट लिखवाने गए थे, पुलिस ने बना दिया आरोपी
मंगलवार को बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारी सामूहिक रुप से जुलूस के रुप में कलेक्टोरेट पहुंचे। जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए कहा कि सहायक यंत्री नरेंद्र तरवरिया तो 28 नवंबर की रात शहर कोतवाली में रिपोर्ट लिखवाने के लिए गए थे, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उन्हें ही आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। जबकि जिस व्यक्ति की फरियाद पर रिपोर्ट लिखी गई है वह स्वयं दो मामले में आरोपी है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई, जिससे कहीं न कहीं पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में हैं।
ऐसे में बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे में सहायक यंत्री तरवरिया को नहीं छोड़ा गया और उन्हें इस अपराध से बाहर नहीं निकाला गया तो वे सभी काम बंद कर देंगे। जिसके बाद जिले में जो स्थिति निर्मित होगी उसके लिए जिला प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। ज्ञापन देने वाले गोहद के डीई यशपाल सचदेवा, भिंड डीई अशोक बंजारे, श्रीनिवास यादव, वीवी उपाध्याय, विकास गुप्ता, अनूप सक्सैना, अवध शर्मा और हरीश मेहता सहित जिलेभर के एई, जेई सहित लाइन स्टाफ शामिल था।