कोरोना के कारण इस बार ज़्यादा पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे ताकि सोशल डिस्टेंस बना रहे- सांकेतिक फोटो
चुनाव आयोग (State election commission) ने 20 नवंबर तक सभी जिलों से यह जानकारी मांगी थी. अब फिर रिमाइंडर भेजकर 4 दिसंबर तक जानकारी मांगी गई है.
52 में से 37 जिलों ने नहीं भेजी जानकारी
मध्य प्रदेश के 52 में से 37 ज़िलों ने अभी तक नये पोलिंग बूथ की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग में नहीं भेजी है. कोविड-19 के कारण इस बार पिछले चुनाव की अपेक्षा ज्यादा संख्या में नये पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. निकाय चुनाव में किसी भी पोलिंग बूथ पर एक हजार से ज्यादा वोटर नहीं होंगे. पहले 1250 तक मतदाताओं की संख्या पर एक बूथ बना दिया जाता था.
पंचायत स्तर पर बढ़ाए गए पोलिंग बूथ
आयोग ने 20 नवंबर तक सभी जिलों से यह जानकारी मांगी थी. अब फिर रिमाइंडर भेजकर 4 दिसंबर तक जानकारी मांगी गई है. कोविड की गाइड लाइन के अनुसार नए मतदान केंद्र बनाए जाने हैं. कोरोना के कारण इस बार पंचायत चुनाव में अधिकतम 750 मतदाताओं पर एक बूथ बनाया जाएगा.पिछले चुनाव के आधार पर आयोग के पास इन जिलों में 3380 बूथ ऐसे हैं, जिनमें एक हजार से ज्यादा वोटर हैं. इन मतदाताओं को बांटकर हर बूथ पर अधिकतम एक हजार तक लाना है.