स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी
स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी (Prabhu Ram Chaudhary) ने अस्पताल को क्लीन चिट देते हुए नवजातों की मौत (Newborn Die) का कारण प्री मेच्योर डिलिवरी बताया. साथ ही परिजनों पर भी इसका ठीकरा फोड़ा.
स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने हॉस्पिटल को क्लीन चिट देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की हो रही मौतों को संज्ञान लेते हुए जबलपुर से जांच दल शहडोल भेजा था. जांच के अनुसार जो भी बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे उनका इलाज गाइडलाइन के अनुसार किया गया था.
स्वास्थ्य मंत्री ने नवजात शिशुओं की हो रही मौत का कारण प्री मेच्योर डिलेवरी बताया है. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने ये भी कहा कि परिजन बच्चों को हॉस्पिटल में लाने में देरी कर देते है, जिसके कारण भी नवजातों की मौत हो रही है. मंत्री ने इसके लिए शहडोल में जनजागरण अभियान चलाने की भी बात कही है.
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भी पिछले 3 माह में 92 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस मामले में भी मंत्री ने कहा की जांच की जा रही है. डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है. वहां हर एक विभाग में व्यवस्था दुरुस्त है. हम भोपाल से भी डॉक्टरों के एक दल को वहां भेज रहे हैं. चार डॉक्टरों की देखरेख में आगे व्यवस्था बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा वहां दो एम्बुलेंस की सुविधा और दी जाएगी. जिससे मरीजों को घर से अस्पताल तक लाने में मदद मिलेगी.बतौर मंत्री सरकार बच्चों की मौत मामले पर नजर बनाई हुई है. शहडोल जैसी घटना कहीं और न हो, इस बात पर फोकस किया जा रहा है.