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- 200 Children Added From 5 Mohalla Classes, Started Mobile Library, Municipality Created Sanitation Ambassador
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सागर8 घंटे पहले
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इस तरह मोहल्ला क्लासेज लगाई जा रही हैं।
- मकरोनिया में शिक्षक उमाकांत दुबे हरिजन और आदिवासी बस्तियों में जला रहे शिक्षा की अलख
कोविड के दौर में लोग घरों में कैद थे। स्कूल बंद थे। बच्चों की पढ़ाई रुकी थी। ऐसे में मकरोनिया के गौर नगर बड़तूमा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक उमाकांत दुबे ने नियमित रूप से पांच मोहल्ला क्लासों का संचालन किया। इन कक्षाओं से करीब 60 शाला त्यागी बच्चों सहित अब तक 200 से अधिक बच्चे जुड़ चुके हैं। इन गरीब बच्चों की रोजाना सुबह 11 से शाम 8 बजे तक वार्ड 3, 4, 11 और 18 के वृंदावन नगर, दूरसंचार नगर, हरिजन और आदिवासी बस्तियों में क्लासेज लगाकर पढ़ाई करवाई जा रही है। यही नहीं, उन्होंने ने बच्चों को पढ़ाने के लिए 500 पुस्तकों की लाइब्रेरी भी शुरू की है। इनमेें से कई किताबें दो बैग में साथ लेकर वे मोहल्ला क्लासों में रोजाना पढ़ाने जाते हैं।

मोहल्ला क्लास के दौरान बच्चे को मास्क पहनाते उमाकांत दुबे।
डिजिटल व पर्यावरण शिक्षा भी दे रहे
उमाकांत दुबे ने खुद के पैसों से पांच मोबाइल और एक टैबलेट खरीदा है। इनकी मदद से बच्चों को ऑनलाइन भी पढ़ा रहे हैं। शिक्षक ने बताया कि वे वीडियो प्रोग्राम व प्रश्न-उत्तर आधार पर सामग्री तैयार कर वॉट्सएप ग्रुप की मदद से बच्चों को उपलब्ध कराते हैं। मोहल्ला क्लासों में वर्क बुक भरवाना, पेंटिंग, डांस प्रतियोगिता, बालसभा सहित अन्य गतिविधियां कराई जा रही हैं। इन पर आने वाला खर्च भी उमाकांत स्वयं उठाते हैं। पर्यावरण व योग शिक्षा को लेकर भी बच्चों को हर सप्ताह वीडियो दिखाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
घर-घर संपर्क के दौरान बच्चों को ध्यान-योग कराते हैं। उनके कार्य को देखते हुए शनिवार को नगर पालिका सीएमओ ने विश्वनाथ प्रताप सिंह ने उन्हें स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। डीपीसी एचपी कुर्मी का कहना है कि कोविड के दौर में उमाकांत अच्छा काम कर रहे हैं। वे अब तक 276 ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण अटैंड कर चुके हैं, जो पूरे मध्यप्रदेश में किसी शिक्षक द्वारा अटैंड किए गए प्रशिक्षण में सबसे ज्यादा है।
कई अच्छे कार्य भी किए
- कोविड के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। करीब 3 हजार मास्क बांटे चुके हैं।
- बच्चों को पेन, किताबें, कॉपी, स्लेट, पेंसिंल सहित अन्य स्टेशनरी मुफ्त में दे रहे हैं।
- 350 बच्चों को बैंक खाते खुलवाए।
- किताबों, कहानी, कविताओं की पीडीएफ फाइल तैयार कर गुरुजी का साहित्य नाम से बच्चों को यह सुविधा दी जा रही है।
- मास्क, स्टेशनरी, किताब वितरण, आर्थिक सहायता व कपड़े और जूते भी जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध करा रहे हैं।