लव जिहाद के खिलाफ कानून उनके लिए: जो अपना धर्म छिपाकर दूसरे धर्म की लड़कियों को गुमराह करके शादी करते हैं: वीडी शर्मा

लव जिहाद के खिलाफ कानून उनके लिए: जो अपना धर्म छिपाकर दूसरे धर्म की लड़कियों को गुमराह करके शादी करते हैं: वीडी शर्मा


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भोपाल6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने पर शिवराज सरकार को बधाई दी है।

  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा- धर्म स्वातंत्र्य एक्ट से लव जिहाद की घटनाओं पर अंकुश लगेगा

मध्यप्रदेश और देश के अन्य राज्यों में आए दिन लव जिहाद की ऐसी घटनाएं लगातार सामने आई है, जिनमें अपना नाम बदलकर, छद्म तरीके से वेश बदलकर, किसी को गुमराह करके शादी करने और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने की कोशिश की गई। लव जिहाद को बढ़ावा देने वाले ऐसे तत्वों पर मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 के माध्यम से अंकुश लगाने की शिवराज सरकार ने जो पहल की है, वह देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।

इस एक्ट से लव जिहाद की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। वीडी शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 को सैद्धांतिक सहमति दिए जाने पर कही।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत में अपनी मर्जी से शादी करने की स्वतंत्रता तो है, लेकिन अपना नाम बदलकर कर, छद्म तरीके से वेश बदलकर, किसी को गुमराह करके शादी करते हैं और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालते हैं। यह कानून इस सबके लिए है। इस कानून के तहत बेटियों के परिवार वाले, मित्र एवं उनके सगे-संबंधियों को अधिकार होगा कि वह इसकी शिकायत कर सकते हैं। अपने धर्म को छिपाकर, दूसरे धर्म के लोगों को गुमराह करके शादी करते हैं, उनके लिए यह कानून है।

उन्होंने कहा कि केरल उच्च न्यायालय ने ‘लव जिहाद’ शब्द का प्रयोग किया और कहा कि यह नहीं होना चाहिए और प्रतिबंध लगाया। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध नहीं कर रहा है, उनके अधिकारों को नहीं छीन रहा है।

भारत की सीमाओं पर आतंकवादियों और देश को घात करने वालों के खिलाफ यदि कोई कार्रवाई होती है तो वह किसी एक धर्म के लिए नहीं होती है। यह कार्रवाई देश विरोधियों एवं गद्दारों के लिए होती है। लव जिहाद के नाम पर अपनी पहचान छिपाकर मासूम बेटियों के साथ छल करके विवाह करते हैं। छल-कपट कर अपनी पहचान छिपाकर शादी करने वालो के लिए यह कानून है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 को लेकर जो खाका तैयार किया है, जिसे मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। प्रदेश ने जिस तरीके से लव जिहाद को लेकर कानून बनाने में सक्रियता दिखाई है, उसे देश के अन्य राज्य भी अनुसरण करते हुए इस कानून को बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।



Source link