Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
जबलपुर7 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
- अभी दिसंबर मध्य तक मुहूर्त जिसमें हो रहे रिकाॅर्ड तोड़ विवाह
- कोरोना काल में कम मेहमानों को बुलाकर हो रहीं शादियाँ
देव प्रबोधिनी या देवउठनी एकादशी के दिन से इस बार सर्दियों में सीमित मुहूर्त में विवाह आरंभ हो गये हैं। अभी तक जो विवाह मुहूर्त थे उनमें रिकाॅर्ड तोड़ शादियाँ हुईं। कोरोना संक्रमण की दर जब तेज थी तो उस समय जो विवाह टले वे अभी संपन्न हो रहे हैं। दिसंबर में अभी मध्य तक शादियाँ हैं, लेकिन अगले साल विवाह को लेकर थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
पंडित और विद्वानों के अनुसार नए साल में 22 अप्रैल चैत्र शुक्ल दशमी के दिन से शादियाँ फिर आरंभ होंगी। इस तरह अभी इस माह विवाह के केवल 7 और मुहूर्त बचे हुये हैं। इन बचे हुये मुहूर्त में बेतहाशा शादियाँ संपन्न होनी हैं। पंडित रोहित दुबे कहते हैं कि कई तरह की परेशानियाँ झेलने के बाद भी मांगलिक कार्यक्रमों को लेकर आगे अच्छी खबर मिल सकती है। नए साल में यदि वैक्सीन आई तो विवाह में मेहमानों को लेकर जो बंदिश है वह खत्म होगी और ज्यादा उत्साह के साथ यह मांगलिक कार्यक्रम होंगे।
इस वजह से नहीं हो सकते विवाह
पंडित दुबे ने बताया कि नए साल 2021 में जनवरी से मार्च तक गुरु व शुक्र ग्रह के अस्त रहने पर मुहूर्त नहीं रहेंगे, इसलिए दिसंबर के बाद अगले 3 महीने तक शुभ मुहूर्त का इंतजार करना पड़ेगा। हालाँकि 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त वाला दिन होने के कारण विवाह किया जा सकता है। 22 अप्रैल 2021 से दिसंबर 2021 तक करीब 46 दिन मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 6, मई में 10, जून में 11, जुलाई में 6, नवंबर में 7 और दिसंबर में 6 दिन शादियाँ होंगी।
अभी इन तिथियों में बजेंगी शहनाई
दिसंबर में 6, 7, 8, 9, 10, 11, 14 तारीख को विवाह के लिए मुहूर्त है। इसके बाद मांगलिक कार्यक्रमों में ब्रेक होने की कुछ वजह हैं। पंडितों के अनुसार 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास रहेगा। 17 जनवरी से 15 फरवरी तक देव गुरु बृहस्पति व 16 फरवरी से 18 अप्रैल तक शुक्र अस्त रहेगा, इसलिए विवाह नहीं होंगे। सारी तिथियों के अतिरिक्त यदि कोई अबूझ मुहूर्त आता है तो इसमें बिना पूछे भी विवाह किया जा सकता है। शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह फलदायी होता है, इसलिए बताई गईं तिथियों में ज्यादातर विवाह संपन्न होते हैं। पी-4