दिग्विजय सिंह ने अनिल विज के वैक्सीन लेने की नीयत पर सवाल उठाया. (फाइल फोटो)
दिग्विजय सिंह ने कहा कि महामारी के समय में प्रोटोकॉल्स के साथ कोम्प्रोमाइज किया जा सकता है, लेकिन इसमें जो होड़ लग गई है ग्लोबल लीडर्स में, फार्मास्युटिकल्स कंपनी में कि कौन सा वैक्सीन का यूज किया जाए – इससे बचना चाहिए.
- News18Hindi
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December 7, 2020, 10:56 PM IST
गौरतलब है कि अनिल विज ने खुद ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी साझा की है. आपको याद दिला दूं कि बीते 20 नवंबर को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के तीसरे चरण का पहला टीका गृह मंत्री अनिल विज को लगाया गया था. उन्हें अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में यह टीका लगाया गया था. पीजीआई रोहतक की टीम की निगरानी में मंत्री विज ने वैक्सीन का टीका लगवाया था. इसके बाद आधे घंटे तक उन्हें निगरानी में रखा गया था.
हरियाणा के मंत्री विज साहब ने शोहरत पाने के लिए वैक्सीन लिया, उनको कोविड हो गया। ये नया रोग है…इंसानों से पहले जानवरों पर ट्राएल होता है खैर यहां सीधा इंसानों पर हो रहा है। लेकिन सावधानी बरतने की जरुरत है क्योंकि किसी वैक्सीन के लिए भारत प्रयोगशाला नहीं: कांग्रेस, दिग्विजय सिंह https://t.co/q14RcNrh6k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 7, 2020
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि महामारी के समय में प्रोटोकॉल्स के साथ कोम्प्रोमाइज किया जा सकता है, लेकिन इसमें जो होड़ लग गई है ग्लोबल लीडर्स में, फार्मास्युटिकल्स कंपनी में कि कौन सा वैक्सीन का यूज किया जाए – इससे बचना चाहिए. भारत के लोगों को ‘गीनी पिग’ नहीं बनाना चाहिए. विज के संक्रमित होने पर एम्स की राय
इस बारे में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के पूर्व निदेशक एमसी मिश्र का कहना है कि अनिल विज के कोरोना संक्रमित होने के पीछे दो वजहें हो सकती हैं. पहली ये कि किसी भी वैक्सीन के ट्रायल के दौरान कुछ लोगों को प्लासीबो (दवा के भ्रम में कोई सामान्य पदार्थ) दिया जाता है और कुछ को वैक्सीन की डोज दी जाती है. यह बताया नहीं जाता. सिर्फ डेटा में लिखा जाता है. एमसी मिश्र कहते हैं कि ये हो सकता है कि अनिल विज को प्लासीबो दिया गया हो न कि वास्तविक वैक्सीन. ऐसे में उनका पॉजिटिव होना लाजमी है.
दूसरी वजह ये हो सकती है कि अनिल विज को वास्तविक दवा की ही डोज दी गई हो, लेकिन कोई भी वैक्सीन कारगर होने के लिए 28 दिन का समय लेती है. 28 दिन के दौरान शरीर में एंटीबॉडीज बनती हैं. ऐसे में अनिल विज को वैक्सीन लिए हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं. इस दौरान उनके शरीर में अभी एंटीबॉडीज नहीं बनी हैं और वे संक्रमण की चपेट में आ गए हैं.