कोरोना के चलते हाईकोर्ट कर्मचारी की मौत हो गई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाईकोर्ट में कोरोना की वजह से स्टाफ डर गया है. कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना रुक नहीं रहा और वे सामूहिक अवकाश चाहते हैं. इसके लिए कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार को पत्र भी लिख दिया है.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 8, 2020, 7:58 AM IST
देश की मृत्यू दर से भी ज्यादा हो गई थी यहां की दर
गौरतलब है कि पिछले महीने 22 नवंबर को सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला था कि जिले में महामारी के मरीजों की मृत्यु दर 1.94 फीसद के स्तर पर है जो 1.46 प्रतिशत के मौजूदा राष्ट्रीय औसत के मुकाबले अधिक है. उस वक्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण के 2,825 मरीजों का इलाज किया जा रहा था, जिनमें होम आइसोलेशन में रखे गये मरीज भी शामिल थे. करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई.
यात्रियों की संख्या में कमीकुछ दिनों पहले ही इंदौर से खबर सामने आई थी कि कोरोना (Corona) के कारण बंद हुई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फिर से संकट के बादल छाने लगे हैं. इसके पीछे कोरोना दोबारा से वजह बन रहा है. दोबारा से बढ़ते कोरोना के कारण लोग हवाई यात्रा (Air travel) करने से बच रहे हैं, जिसका सीधा असर विमानन कंपनियों पर पड़ता दिखाई दे रहा है. अगर कुछ समय तक ऐसी ही रहा तो कंपनियां अपनी उड़ानों को बंद या उनकी फ्रीक्वेंसी कम कर सकती हैं. कोरोना की पहली लहर कम होने के बाद जब उड़ानें शुरू हुईं तो उनमें कम यात्री सफर कर रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे कोरोना के मामले कम हुए तो यात्रियों की संख्या भी बढ़ने लगी थी. अब दोबारा से ऐसा समय आ गया है, जिसमें इंदौर एयरपोर्ट से वर्तमान में 36 से अधिक उड़ानें संचालित हो रही हैं, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण एक बार फिर से यात्रियों की संख्या में कम होनी शुरू हो गई है.