पांड्या टी20 सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज और नटराजन बेस्ट बॉलर रहे.
भारत और मेजबान ऑस्ट्रेलिया के बीच 12 दिन में छह मैच खेले गए. दोनों ने तीन-तीन मैच जीते. इस दौरान हार्दिक पांड्या और टी नटराजन ने गजब का प्रदर्शन किया. पांड्या टी20 सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज और नटराजन बेस्ट बॉलर रहे. दिलचस्प यह है कि हार्दिक और नटराजन दोनों ही टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे.
- News18Hindi
- Last Updated:
December 8, 2020, 9:09 PM IST
भारत और मेजबान ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia 2020) के बीच 12 दिन में छह मैच खेले गए. दोनों ही टीमों ने तीन-तीन मैच जीतकर एक-एक सीरीज अपने नाम की. भारत की ओर से वनडे और टी20 सीरीज में हार्दिक पांड्या और टी नटराजन ने गजब का प्रदर्शन किया. पांड्या टी20 सीरीज के प्लेयर ऑफ द सीरीज और नटराजन बेस्ट बॉलर रहे. खास बात यह कि हार्दिक अब ऑलराउंडर की भूमिका में नहीं हैं.
हार्दिक पांड्या ने वनडे सीरीज में भारत की ओर से सबसे अधिक रन बनाए. भारत वनडे सीरीज में सिर्फ एक मैच जीता और उसमें मैन ऑफ द मैच पांड्या ही रहे. हार्दिक चोट के कारण गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं. इसके बावजूद कप्तान कोहली (Virat Kohli) ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें बतौर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज खिलाया. पांड्या ने दो बार 90 से अधिक रन की पारियां खेलकर जताया कि वे बतौर बल्लेबाज टीम में खेलने के हकदार हैं.
अगर हम सिर्फ रनों के आधार पर हार्दिक पांड्या के खेल को देखेंगे तो गलती कर जाएंगे. उनके खेल को इससे अधिक गहराई से देखे जाने की जरूरत है. इसके लिए पहले उनके बल्लेबाजी क्रम को देखें. वे नंबर-6 पर खेले, जो लंबे समय तक एमएस धोनी की जगह रही है. इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके धोनी दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक रहे, जो जरूरत के मुताबिक हर गियर में खेलने की कूबत रखते थे. इस सीरीज से पहले पांड्या की छवि बस कत्लेआम मचाने की रही है. लेकिन पांड्या ने वनडे सीरीज में एक नहीं दो-दो बार दिखाया कि वे पारी लड़खड़ाने पर शांतचित्त होकर संयत पारी खेल सकते हैं और आखिर में गेंद को आसमान की सैर करा सकते हैं.
हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे पर दो बार मैन ऑफ द मैच चुने गए हैं. वे टी20 सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब भी ले उड़े. कभी कॉफी विद करन में विवादित बयान के बाद बैन झेल चुके पांड्या की परिपक्वता भी अब साफ दिख रही है. वे अब टीम में सीनियर खिलाड़ी की तरह बर्ताव कर रहे हैं. युवा खिलाड़ी टी नटराजन को पहले अपना ‘मैन ऑफ द मैच’ और फिर ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड सौंप देना पांड्या की परिपक्वता और गंभीरता का सबूत है.
अब जबकि टी नटराजन की बात चल निकली है तो यह कहने में गुरेज नहीं होना चाहिए कि इस खिलाड़ी ने टीम इंडिया की बड़ी चिंता दूर कर दी है. वैसे तो आईपीएल 2020 में ही उन्हें यार्करमैन का खिताब मिल गया था. लेकिन आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में जमीन-आसमान का अंतर है. वह भी अगर सीरीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर खेली जा रही है तो वह किसी भी सीनियर खिलाड़ी की अग्निपरीक्षा से कम नहीं होती. नटराजन ने तो इस सीरीज के जरिए इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला कदम रखा है.
भारत जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले दो वनडे हार गया तो इससे गुस्साए कप्तान कोहली ने टीम के पांच खिलाड़ियों को बाहर बैठा दिया. इस तरह तीसरे वनडे मैच में नटराजन को खेलने का मौका मिला. बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने पहले ही मैच में गजब की गेंदबाजी की और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. टी20 सीरीज में तो वे दोनों ही टीमों की ओर से सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे. उन्होंने ना सिर्फ शुरुआती ओवरों में भारत को कामयाबी दिलाई, बल्कि आखिरी ओवरों में भी ऐसा ही किया. उनकी किफायती गेंदबाजी ने भी विपक्षियों पर दबाव बनाया.
भारतीय टीम टी नटराजन के इस प्रदर्शन से आश्वस्त हो सकती है कि उसे लंबी रेस का खिलाड़ी मिल गया है. टी नटराजन का उभरना जसप्रीत बुमराह के लिए भी अच्छी खबर है, जिन पर भारत की गेंदबाजी कुछ ज्यादा ही निर्भर होने लगी है. इससे बुमराह पर वर्कलोड बढ़ गया है और वे चोटिल भी हो चुके हैं. नटराजन ने दिखाया है कि वे गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने में सक्षम है. इससे टीम इंडिया बुमराह को जरूरी आराम दे सकेगी, ताकि वे भी लंबे समय तक देश के लिए खेल सकें. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब 17 दिसंबर से टेस्ट सीरीज खेली जाएगी. दिलचस्प बात यह है कि हार्दिक पांड्या और टी नटराजन दोनों ही इस सीरीज में नहीं खेलेंगे.