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बैतूल7 मिनट पहले
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- साेनाघाटी में सरकारी जमीन पर पक्का मकान बनाने का मामला
आमतौर पर प्रशासनिक अमले को अतिक्रमण हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है। लेकिन सोनाघाटी में एक मामला ऐसा सामने आया, जिसमें अतिक्रमणकारी ने स्वयं ही रात में अतिक्रमण हटा लिया था। बुधवार सुबह जब अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो उसे वापस लौटना पड़ा। एसडीएम सीएल चनाप ने बताया कि सोनाघाटी स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 81 में अवैध शासकीय भूमि पर पक्का मकान निर्माण किया जा रहा था। नायब तहसीलदार खेड़ी सावलीगढ़ ने उक्त निर्माण कार्य पर स्थगन जारी किया। जिसके बाद भी उनके द्वारा निर्माण कार्य नहीं रोका गया। नायब तहसीलदार ने 27 नवंबर को अपने प्रकरण में अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर 5000 जुर्माना करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश पारित किए। अनावेदक अतिक्रमणकारी ने उक्त आदेश के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी बैतूल के समक्ष अपील प्रस्तुत कर अतिक्रमण हटाए जाने से रोकने के लिए स्थगन प्राप्त करने का भरसक प्रयास किया। शासकीय भूमि का मामला होने के चलते न्यायालय ने स्थगन नहीं दिया। इसके बाद तहसीलदार अशोक डेहरिया एवं रोहित विश्वकर्मा नायब तहसीलदार ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी, पुलिस बल, नगर पालिका अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता सहित सुबह 7 बजे तैयार थे। ऐसे में सूचना मिली कि अतिक्रमणकारी ने लोक लाज के भय से निर्माणाधीन मकान को रात में ही स्वयं जेसीबी मशीन से तोड़कर अतिक्रमण हटा िदया।