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उज्जैन18 घंटे पहले
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सांकेतिक फोटो
- डॉक्टर्स बोले- आयुर्वेद और एलोपैथी में अंतर, निर्णय मरीजों के हित में नहीं
मिक्सोपैथी के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर्स भी उतर गए हैं। मिक्सोपैथी यानी आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के डॉक्टर को एलोपैथी में मरीजों को इलाज करने की पात्रता दी जाना। आईएमए की जिला इकाई के पदाधिकारियों व प्राइवेट डॉक्टर्स ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
शहर के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. एनके त्रिवेदी के अनुसार आयुर्वेद के डॉक्टर को सर्जरी करने के अधिकार देना मरीजों के हित में नहीं होगा। मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने की बजाए विपरीत परिणाम आ सकते हैं। एमबीबीएस के बाद मास्टर ऑफ सर्जरी में 10 साल की पढ़ाई के बाद डॉक्टर सर्जरी के लिए योग्यता प्राप्त करता है। आयुर्वेदिक डिग्री की पढ़ाई और पैथी सर्जरी से बिल्कुल अलग है।
आईएमए के सचिव डॉ. तपन शर्मा ने बताया केंद्र सरकार ने हाल ही में आयुष और आयुर्वेदिक डिग्रीधारियों को कुछ सर्जरी के अधिकार दिए हैं, जिसका आईएमए विरोध कर रहा है। उन्होंने इसके खिलाफ देश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि अपनी पैथी और विधाओं में विशेषज्ञ को अपनी ही पैथी में इलाज करना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेद और एलोपैथी में अंतर है, जिसे समझना होगा।