सहारा ने किया बेसहारा: भतीजे का इलाज कर्ज लेकर करा रहे, अप्रैल में बिटिया की शादी, सहारा में फंसी रकम नहीं मिली तो मर जाएंगे

सहारा ने किया बेसहारा: भतीजे का इलाज कर्ज लेकर करा रहे, अप्रैल में बिटिया की शादी, सहारा में फंसी रकम नहीं मिली तो मर जाएंगे


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कैलारस9 घंटे पहले

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कैलारस थाने के बाहर एफआईआर दर्ज कराने के लिए एकत्रित सहारा इंडिया के एजेंट-निवेशक।

  • 8800 निवेशकों के 20 करोड़ से अधिक जमा, राशि नहीं लौटाई, अब भटक रहे लोग

साहब! अपने खून पसीने से कमाई हुई पाई-पाई इस उम्मीद में सहारा इंडिया में जमा कराई थी कि बच्चों के शादी-ब्याह, पढ़ाई लिखाई या किसी आपातकाल में काम आएगी। आज मेरा भतीजा बीमार है और ग्वालियर में भर्ती है। एक-एक रुपए की किल्लत है लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी फंसी हुई रकम नहीं मिल पा रही। ऐसे में मुझे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ रहा है। यह व्यथा है कैलारस कस्बे के शास्त्री मार्ग पर रहने वाले रामनरेश शर्मा की। बकौल रामनरेश, मैंने सवा लाख रुपए कंपनी में जमा किया लेकिन अब उसका ब्याज तो छोड़िए मूल रकम भी वापस नहीं हो रही है।

कुछ ऐसी ही व्यथा है जौरा कस्बे की पोस्ट ऑफिस रोड पर रहने वाले राकेश कुमार प्रजापति की। बकौल राकेश, मैं तो पोस्ट ऑफिस एजेंट था। बिटिया की शादी के लिए खुद के 24 लाख रुपए सहारा में जमा कराए। 3 साल से चक्कर लगाकर थक गया लेकिन मूल रकम तक नहीं लौटा रहे। अप्रैल में मेरी बेटी की शादी होनी है। संबंध पक्का कर दिया है। अगर सहारा में फंसी रकम नहीं लौटी तो हम तो मर जाएंगे। रामनरेश व राकेश अकेले ऐसे नहीं जो सहारा में अपनी रकम फंसाकर पछता रहे हैं बल्कि इनके जैसे जौरा-कैलारस क्षेत्र में 9 हजार से अधिक निवेशक हैं जिन्होंने पाई-पाई जोड़ी और रकम फंस गई।

जौरा-कैलारस थानों में इन 9 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
सहारा कंपनी में करोड़ों रुपए जमा करने वाले एजेंटों व निवेशकों की लगातार मिल रही शिकायतों पर एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देश के बाद सहारा प्रमुख सुब्रत राॅय सहित जगदीश प्रसाद गुप्ता फ्रेंचाइजी प्रबंधक कैलारस, तोषक अग्रवाल सहारा फ्रेंचाइजी प्रबंधक सबलगढ़, जौरा, मुरैना, ज्ञानेश शुक्ला तत्कालीन सेक्टर प्रबंधक, दिग्विजय सिंह रीजनल मैनेजर, देवेंद्र सक्सेना एरिया मैनेजर इंदौर, बीके श्रीवास्तव टेरिटरी प्रबंधक वाराणसी, ओपी श्रीवास्तव डिप्टी मैनेजर, अरविंद सिंह सिकरवार सेक्टर मैनेजर के खिलाफ धारा सुब्रत रॉय, चेयरमैन सहारा इंडिया मुरैना के विरुद्ध धारा 420, 409, 6 (1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

जौरा: 15 एजेंट, 1800 निवेशकों के 5.70 करोड़ जमा, 20 करोड़ की मैच्योरिटी राशि फंसी
जौरा कस्बे में सहारा कंपनी में तकरीबन 15 एजेंटों ने अपने खुद के व 1800 से अधिक निवेशकों के 5 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि सहारा इंडिया में जमा कराई। वर्ष 2014 से ही सहारा कंपनी ने भुगतान देना बंद कर दिया। एजेंट और निवेशकों की 5.70 करोड़ की राशि मैच्योरिटी होकर 20 करोड़ तक पहुंच गई है लेकिन कंपनी यह राशि नहीं लौटा रही। बुधवार को जौरा थाने में मुख्य फरियादी राकेश कुमार पुत्र भगवान प्रजापति की रिपोर्ट पर सहारा प्रमुख सुब्रत राॅय सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

कैलारस: 32 एजेंट, 7000 निवेशकों ने 20 करोड़ जमा किए, 37 करोड़ का होना है भुगतान:
कैलारस कस्बे के 32 एजेंटों ने स्वयं व 7 हजार से अधिक छोटे-छोटे निवेशकों के 20 करोड़ से अधिक की राशि सहारा की विभिन्न कंपनियों में स्कीम में जमा किए। 2014 के बाद ही एजेंट व निवेशक अपनी रकम लौटाने के लिए कंपनी दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। स्थानीय ब्रांच मैनेजर, एरिया मैनेजर सहित अन्य अधिकारी न तो रकम लौटा रहे हैं न समय बता रहे हैं कि लोगों को उनकी राशि कब तक मिल जाएगी।

निवेशकों के दबाव से छोड़ना पड़ा शहर, बेटी की शादी कर्ज लेकर की, अब ब्याज की मार
1. कृष्णकांत पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता निवासी सबलगढ़ ने खुद भी सहारा में अपनी रकम जमा की और दोगुने की उम्मीद में 150 से अधिक निवेशकों से 1.50 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई। 2014 से भुगतान न होने पर निवेशकों ने जब अपनी रकम मांगी तो कृष्णकांत ने कंपनी के कई चक्कर लगाए। इधर निवेशक उन्हें डराने-धमकाने लगे। अंतत: कृष्णकांत को सबलगढ़ छोड़ना पड़ा। इन दिनों वे किसी बड़े शहर में प्राइवेट नौकरी कर अपना खर्च चला रहे हैं।

2. गीता गर्ग पत्नी स्व. हरिओम गर्ग निवासी कैलारस ने अपनी बेटी की शादी के लिए एक हजार रुपए महीने की किस्त सहारा में जमा कराई। 60 हजार जमा करने के बाद उन्हें 85 हजार रुपए मिलने थे, जिससे वे अपनी बेटी की शादी में उपयोग करतीं। रकम का भुगतान नहीं हुआ और विधवा गीता को बाजार से कर्ज लेकर अपनी बेटी की शादी करनी पड़ी। अब उधारी की रकम के लिए उन्हें ब्याज चुकाना पड़ रहा है।

3. संतोष कुमार धाकड़ निवासी कैलारस ने 1.50 लाख रुपया सहारा में जमा कराया। इस उम्मीद पर प्लॉट खरीदने के लिए बाजार से 2 रुपए सैकड़ा पर रकम उठाई कि जब सहारा की मैैच्योरिटी होगी तो लौटा देंगे। लेकिन रकम फंस गई और उन्हें साहूकारों को 2 रुपया सैकड़ा का ब्याज भरना पड़ रहा है। बकौल संतोष अगर रकम नहीं लौटी तो साहूकारों का सूद दम ले लेगा।

4. चिनाव गोयनर निवासी एमएस रोड कैलारस ने अपनी मेहनत की पाई-पाई सहारा कंपनी में जमा कराई। उम्मीद थी कि रकम मिलेगी तो खुद का नया घर बसाऊंगा। लेकिन खुद की शादी के लिए भी बाजार से 3 लाख रुपए मोटे ब्याज पर लेना पड़ा। अब साहूकार ब्याज सहित रकम मांग रहे हैं।



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