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जबलपुर33 मिनट पहले
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ब्रोशर व स्टीकर का विमोचन करते ट्रास्को कंपनी के एमडी सुनील तिवारी
- पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने पारेषण हानि को 2.59 प्रतिशत तक सीमित किया
ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एलईडी बल्ब मील के पत्थर साबित हुए। एमपी में उजाला योजना के अंतर्गत अब तक पौने दो करोड़ एलईडी वितरित किए गए। इससे प्रदेश में 457 मेगावाट बिजली की बचत हुई। अब अगले तीन वर्षों में दो लाख सोलर पंप प्रदेश में स्थापित होंगे। सोमवार को ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर पावर ट्रांसमिशन कंपनी (ट्रांस्को) के एमडी सुनील तिवारी ने बताया कि कंपनी ने भी ऊर्जा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता पाई है। कंपनी के ट्रांसमिशन लाइन में बिजली का लॉस महज 2.59 प्रतिशत सीमित करने में सफलता मिली है।
बिजली के वैकल्पिक व्यवस्था के लिए और परंपरागत ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए ही ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर योजना से हरित ऊर्जा का ट्रांसमिशन किया जा रहा है। ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर योजना के अंतर्गत 400 केवी क्षमता के तीन सब स्टेशन, 220 केवी क्षमता के सात सब स्टेशन लगाए जा चुके हैं। इसमें 400 केवी का एक और 220 केवी के छह सब स्टेशन चालू हो चुके हैं।
सौर ऊर्जा में एमपी नंबर वन बनेगा
सौर ऊर्जा के उत्पादन में भी मध्यप्रदेश आगे है। 750 मेगावाट की रीवा सौर परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। इसके अतिरिक्त 5000 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क आगर, शाजापुर, नीमच, छतरपुर, ओंकारेश्वर, व मुरैना में स्थापित करने का कार्य चल रहा है। अगले तीन वर्षों में दो लाख सोलर पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

रूफटॉप से छत पर बन रही ग्रीन बिजली
मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना
इसके लिए मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के अंतर्गत किसानों को सौर पंप लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक 14250 किसानों ने सोलर पंप लगवा लिए हैं। इसके अलावा 30 मेगावाट सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कए गए हैं। 50 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप 7000 शासकीय भवनों में इस वर्ष स्थापित किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण संबंधित ब्रोशर व स्टीकर का विमोचन किया। इस मौके पर ट्रांस्को के एसके नागोटिया, एसके अग्रवाल, एसके गायकवाड़, एसपी गुप्ता, संजय कुलश्रेष्ठ, आरके खंडेलवाल, राजेश श्रीवास्तव, मुकुल मल्होत्रा, आरपीएस कटिरयार, केके श्रीवास्तव, हर्ष श्रीवास्तव और बबीता गजभिए मौजूद थीं।