एमपी में मार्च से स्कूल-कॉलेज बंद थे. (फाइल फोटो)
क्लास (Class) में छात्र छात्राओं के सोशल डिस्टेंस (Social distance) के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है. एक कुर्सी के अंतर से छात्र-छात्राएं क्लास में बैठेंगे.स्कूल में भी अनिवार्य तौर पर मास्क पहनना होगा. मास्क के साथ सेनेटाइज़र और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी कक्षाओं के बाहर की गई है.
मध्यप्रदेश में कक्षा 10 वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए 9 महीने बाद नियमित रूप से स्कूल खोले जा रहे हैं.लेकिन कोरोना के इस काल में स्टूडेंट्स को स्कूल आने के लिए अपने माता-पिता का सहमति पत्र और आई कार्ड लाना होगा. ये अनिवार्य है. आई कार्ड दिखाने के बाद ही छात्र-छात्राओं को कक्षाओं के साथ ही स्कूलों में प्रवेश किया जाएगा.
मम्मी-पापा से लेना होगी परमिशन
बोर्ड परीक्षाओं से पहले कक्षा 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स 18 दिसंबर से नियमित रूप से स्कूल आ सकेंगे. उनके लिए स्कूल खोले जा रहे हैं. स्कूल आने के लिए स्कूलों में कई तरह की और नयी व्यवस्था की हैं. छात्र-छात्राओं के लिए माता-पिता का सहमति पत्र अनिवार्य किया गया है.ये एहतियात कोरोना के कारण बरता गया है. ताकि किसी कभी आगे कोई दिक्कत न हो. सहमति पत्र दिखाने के बाद ही छात्र छात्राओं को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा. वही स्टूडेंट के लिए आई कार्ड जारी किया गया है.ये आई कार्ड फिलहाल 10-10 दिन के लिए हैं. आई-कार्ड दिखाने के बाद ही छात्र छात्राओं को स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा.स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने पर फिफ्टी-फिफ्टी
10वीं और कक्षा 12वीं के स्टूडेंट अगर रेगुलर रूप से स्कूल आना शुरू करते हैं और अगर उनकी संख्या ज़्यादा रहती है तो फिर उन्हें 50-50 फ़ीसदी के हिसाब से स्कूल बुलाया जाएगा. यानि एक दिन आधे स्टूडेंट्स और अगले दिन बाकी आधे 50 फ़ीसदी की क्लासेस ली जाएंगी.
स्कूल में मास्क, क्लास में सोशल डिस्टेंस
क्लास में छात्र छात्राओं के सोशल डिस्टेंस के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है. एक कुर्सी के अंतर से छात्र-छात्राएं क्लास में बैठेंगे.जिस बैंच पर छात्रों को बैठना है उसमें राइट का टिक लगाया गया है. ना बैठने वाली बैंच पर क्रॉस का चिन्ह डेस्क पर लगा दिया गया है. छात्र छात्राओं को स्कूल में भी अनिवार्य तौर पर मास्क पहनना होगा. मास्क के साथ सेनेटाइज़र और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी कक्षाओं के बाहर की गई है. दो पालियों में स्कूल लगाने की भी प्रबंधन ने व्यवस्था की है.
9 वीं-11वीं की एक दिन के अंतर से क्लास
कक्षा 9वीं और 11 वीं की डाउट क्लियर क्लासेस पहले की तरह ही एक दिन के अंतर से जारी रहेंगी. इन दोनों की नियमित क्लासेस लगाने का फैसला प्राचार्य अपने स्तर पर ले सकेंगे.