नरसिंहपुर में फसलों पर पाला पड़ने लगा है.
नरसिंहपुर के किसानों पर संकट मंडरा रहा है. सितंबर में खराब हुई सोयाबीन की फसल के बाद अब अरहर की फसल खराब होने की आशंका है. फसलों पर पाला पड़ गया है. खासकर वे किसान तो बेहद परेशान हो जाएंगे, जो किसी दूसरे के खेत पर फसल उगाते हैं.
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December 20, 2020, 3:36 PM IST
हमारे चैनल में जो रिपोर्ट और तस्वीरें सामने आई हैं उनमें अरहर की फसलों पर बर्फ साफ दिखाई दे रही है. ये तस्वीरें गोटेगांव ब्लॉक के चिरचिटा गांव की हैं. यहां सुबह 8 बजे अरहर की फसल पर बर्फ जमी हुई थी. जैसै-जैसे धूप बढ़ती जाएगी, ये फसल नष्ट होती जाएगी. हमारे संवाददाता के मुताबिक, जब इस संबंध में कृषि विभाग से जानकारी चाही गई तो उन्होंने इस तरह की कोई भी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया.
लागत निकलना भी मुश्किल
चिरचिटा गांव के किसान कृष्णपाल लोधी किसी और की जमीन पर खेती करते हैं. उन्हें प्रोफिट का महज 30 फीसदी ही मिलता है. उन्होंन बताया कि हम पर दोहरी मार पड़ी है. हाल ही में सोयाबीन की फसल खत्म हो गई थी. हमें अरहर की फसल से उम्मीद थी, लेकिन अब उससे भी उम्मीद टूटती नजर आ रही है. क्योंकि, अब तो फसल की लागत निकलना भी मुश्किल है.सितंबर में ही नष्ट हुई थी सोयाबीन की फसल
नरसिंहपुर जिले में सितंबर में हुई अधिक बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया था. नुकसान इतना ज्यादा था कि कई किसानों ने अपने खेतों में मवेशियों को छोड़ दिया था. भौंरझिर, सूरना, लिंगा, घघरौला, पटना, करहैया, सलैया, मुड़िया, तिगंवा आदि गांवों के किसानों ने सोयाबीन सहित अन्य फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा देने मांग की. किसान अपने-अपने घरों से शंख, थाली लेकर पहुंचे और बजाते हुए सरकार से मांग दोहराई कि उनकी फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए. उस वक्त किसानों का कहना था कि प्रशासन सहयोग की बात तो करता है, लेकिन सहयोग करता नहीं है. हमारी मांग है कि इस पर पूरा ध्यान दिया जाए. इस दौरान कई किसानों ने मुआवजे की मांग के लिए थाली और कई तरह के बर्तन भी बजाए.