पिज्जा की चाह में हो गई ठगी: 299 रुपए के चीज पिज्जा के चुकाए 28 हजार रुपए फिर भी नहीं मिला स्वाद

पिज्जा की चाह में हो गई ठगी: 299 रुपए के चीज पिज्जा के चुकाए 28 हजार रुपए फिर भी नहीं मिला स्वाद


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ग्वालियर22 मिनट पहले

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प्रतीकात्मक फोटो

  • ठगों ने ऑर्डर कैंसल करने की बात कहकर लिंक भेजी थी
  • एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर ऑपरेट किया मोबाइल और कर दी ठगी

पिज्जा खाने के चक्कर में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के अकाउंट से 28 हजार रुपए कट गए, लेकिन वह पिज्जा का स्वाद नहीं ले सके हैं। उन्होंने ऑनलाइन पिज्जा ऑर्डर किया था। भुगतान ई-वॉलेट से किया। पर कुछ देर बाद कॉल आया कि भुगतान न होने पर आपका ऑर्डर कैंसिल हो रहा है। कटा पैसा वापस करने एक लिंक शेयर की। लिंक ओपन करते ही युवक के मोबाइल में एनी डेस्क एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद आरोपी ने उनके अकाउंट से 28 हजार रुपए उड़ा दिए। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित साइबर सेल पहुंचा और शिकायत की है। घटना डीडी नगर की है।

शहर के महाराजपुरा स्थित डीडी नगर निवासी बृजराज शर्मा एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं। उन्होंने बच्चों की डिमांड पर एक चीज पिज्जा ऑनलाइन ऑर्डर किया था। ऑर्डर के साथ ही उन्होंने 299 रुपए पिज्जा के अपने ई-वॉलेट से भुगतान भी कर दिया। ऑर्डर करने के पांच मिनट बाद कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पिज्जा कंपनी से बताते हुए अपनी पहचान अविनाश के रूप में दी। साथ ही बताया कि भुगतान न होने के कारण ऑर्डर कैंसिल किया जा रहा है। इस पर बृजराज ने बताया कि वह तो भुगतान कर चुके हैं। उनके पास भुगतान सफल होने का मैसेज भी आया है। इस पर अविनाश ने कहा हो सकता है आपको मैसेज आ गया, लेकिन कंपनी को भुगतान नहीं मिला है। उसने तकनीकी फॉल्ट बताकर कहा कि वह अभी एक लिंक शेयर करेगा। उस लिंक को ओपन कर जो भुगतान किया है उसकी डिटेल भर देना। इससे आपके खाते में पैसा वापस आ जाएगा। उसके बाद फिर से भुगतान करना।

लिंक से डाउनलोड हुआ एनी डेस्क, लग गया चूना

जब मोबाइल पर आई लिंक को युवक ने ओपन किया तो चंद सेकंड में एनी डेस्क एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद सामने वाला उसके मोबाइल को ऑपरेट करने लगा और कुछ ही सेकंड में 28 हजार रुपए खाते से कटने का मैसेज आ गया। यह देख बृजराज को समझते देर नहीं लगी कि उसके साथ ठगी हो गई है। उसने तत्काल मोबाइल बंद किया और अपना ई-वॉलेट अकाउंट ब्लॉक करा दिया। मामले की शिकायत साइबर सेल में की है

सोशल मीडिया पर कर चुके हैं अलर्ट

इससे पहले भी एनी डेस्क एप डाउनलोड कराकर कई बार ठगी हो चुकी है। कुछ समय पहले एसपी राज्य साइबर सेल जोन ग्वालियर सुधीर अग्रवाल सोशल मीडिया पर अलर्ट कर चुके हैं कि किसी के कहने पर लिंक ओपन न की जाए और एनी डेस्क एप तो बिल्कुल भी डाउनलोड न किया जाए।



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