एमपी में अभी पेड़ लगाने और काटने के लिए 7 तरह के कानून हैं.
प्रस्तावित अधिनियम के तहत अब प्राइवेट ज़मीन (private land) पर लगाए गए पेड़ काटने के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. इसके साथ ही निजी ज़मीन पर सभी तरह के पेड़ लगाने की भी छूट मिलेगी
सोमवार को सीएम शिवराज की अध्यक्षता में वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के सिलसिले में बैठक हुई. इसमें अधिनियम के प्रावधानों पर चर्चा की गई. प्रस्तावित अधिनियम के तहत अब प्राइवेट ज़मीन पर लगाए गए पेड़ काटने के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. इसके साथ ही निजी ज़मीन पर सभी तरह के पेड़ लगाने की भी छूट मिलेगी. मौजूदा वक्त में पेड़ काटने की अनुमति के लिए 7 कानून हैं. अभी तहसीलदार वन विभाग की सिफारिश पर पेड़ काटने की इजाज़त देते हैं. वहीं इमारती लकड़ी की टी.पी. वन विभाग देता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रस्तावित वृक्षारोपण प्रोत्साहन अधिनियम 2020 के अंतर्गत किसानों और अन्य लोगों को उनके खेत/निजी भूमि पर लगाए गए नए वृक्ष बिना अनुमति काटने की अनुमति होगी. वे अपनी जमीन में सभी तरह के पेड़ लगा सकेंगे. पेड़ों से मिली लकड़ी की ढुलाई के लिए कुछ मामलों को छोड़कर टी.पी. से छूट दी जाएगी.
अभी हैं 7 कानून
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा वर्तमान में पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए 7 कानून हैं. इसलिए किसानों को बहुत दिक्कत होती है. लेकिन अब किसानों को अपने खेत पर लकड़ी उत्पादन के लिए पेड़ लगाने, काटने और परिवहन की सुविधा देने से लाभ होगा. उनका अपना रोज़गार भी बढ़ेगा.प्रस्तावित वृक्षारोपण अधिनियम 2020 के प्रावधान
·निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए सभी प्रजातियों के रोपण की खुली छूट.
·उगाए गए पेड़ों को किसी भी उम्र में, बिना इजाज़त काटा जा सकेगा
·अपने खेत/गांव में खुद का टाल लगा सकता है. वहां से लकड़ी बेच सकेगा.
·खेत से टाल तक इमारती काष्ठ के परिवहन पर छूट दी गयी है
·टाल में इमारती लकड़ी की प्रसंस्करण इकाई लगाने की सशर्त सुविधा
.विनिर्दिष्ट वनोपज को भी काटने और टाल तक लाने की छूट.
·विनिर्दिष्ट वनोपज की सरकारी ई-पोर्टल के माध्यम से खेत और टाल से ही बिक्री करनेऔर खुद बोली लगाने- सीधे भुगतान लेने की छूट.
·पेड़ों से मिली लकड़ी की ढुलाई के लिए कुछ मामलों को छोड़कर टी.पी. से छूट.
·ढुलाई के लिए सभी प्रकार की परमिशन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मिलेगी.