डिंडोरी और पचमढ़ी में पारा 3 डिग्री के आसपास रहा. (फाइल फोटो)
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के डिंडोरी और पचमढ़ी में बर्फ जैसा नजारा देखने को मिला. सोमवार रात दोनों जगहों का पारा 3 डिग्री के करीब ही रहा. मंगलवार सुबह हालांकि, कई जिलों में धूप भी देखने को मिली, लेकिन हवा में ठंडक थी.
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December 22, 2020, 10:04 AM IST
डिंडौरी में तो सर्द मौसम पूरी तरह शबाब पर है. घरों के बाहर खड़ी कारों पर जोरदार ओस पड़ रही है, जो बर्फ की तरह जम गई है. गौरतलब है कि यहां लोग दिन में शीतलहर और रात में हाड़ कंपाने वाली ठंड से प्रभावित हैं. ठंड से बचने के लिए लोगों को आग का सहारा लेना पड़ रहा है. हालत यहां तक आ पहुंची है कि गाड़ियों पर जमी ओस की बूंदों को खरोंच-खरोंच कर निकालना पड़ रहा है.
पचमढ़ी में बर्फ जैसा नजारावहीं, पचमढ़ी में रात का तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ है। यहा भी ओस बर्फ की तरह जम गई है. मैदानों में बर्फ जैसा ही नजारा है. यहां दिन में भी ठंडक का अहसास हुआ. दिन का तापमान 23.2 डिग्री रहा. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में ठंड और बढ़ेगी. गौरतलब है कि मौसम विभाग ने शहडोल संभाग समेत रीवा,पन्ना और छतरपुर में शीतलहर की चेतावनी दी है.नरसिंहपुर में भी दिन का तापमान गिर सकता है.
मौसम विभाग ने जारी किया था येलो अलर्ट
रविवार को भी मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कुछ जिलों में शीतलहर के चलते येलो अलर्ट जारी कर दिया था. जिनमें ग्वालियर, चंबल, शहडोल, रीवा, सतना, सागर और छतरपुर शामिल हैं. इसके अलावा दतिया, भिंड, उमरिया में पाला गिरने की भी संभावना जताई गई थी.
ये है देश का हाल
देश के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी (Snowfall) के बाद अब ठंड ने मैदानी इलाकों (Weather Update) को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. यूपी-बिहार समेत अन्य कुछ राज्यों में तो सर्दी (Winter) से लोगों का बुरा हाल है. इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश औश्र बिहार में मंगलवार को कड़ाके की ठंड के साथ बेहद घना कोहरा रहने का पूर्वानुमान जताया है. उनके अनुसार इस दौरान विजिबिलिटी बेहद कम रहेगी. मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, गोरखपुर एयरपोर्ट पर इस दौरान शून्य मीटर की विजिबिलिटी रहेगी. वहीं वाराणसी एयरपोर्ट पर 800 मीटर और लखनऊ एयरपोर्ट पर 700 मीटर की विजिबिलिटी रहेगी. इसके अलावा पटना एयरपोर्ट पर 200 मीटर की विजिबिलिटी रहेगी. वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में हालांकि सर्दी से सोमवार से कुछ राहत देखी गई है.
उत्तर भारत के कई हिस्से शीत लहर की चपेट में हैं और कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है. वहीं कश्मीर में सोमवार से कड़ाके की सर्दी की 40 दिन की अवधि ‘चिल्लई कलां’ की शुरुआत हो गई. घाटी में 21 दिसंबर से 31 जनवरी तक यानी 40 दिन की अवधि को सर्दी के मौसम का सबसे ठंडा समय माना जाता है क्योंकि यहां इस दौरान तापमान में काफी गिरावट आती है, जल स्रोत जम जाते हैं और घाटी में तापमान जमाव बिंदू (शून्य) से भी नीचे होने की वजह से पानी आपूर्ति में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.