आकाशमंडल: सबसे पहले गैलीलियो ने देखा था शनि-बृहस्पति को एकसाथ

आकाशमंडल: सबसे पहले गैलीलियो ने देखा था शनि-बृहस्पति को एकसाथ


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खरगोनएक दिन पहले

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  • मोठापुरा में बच्चों को रात में दिखाया खगोलीय घटनाक्रम, विज्ञान शिक्षक बोले-

लगभग 397 साल बाद हो रहे शनि व बृहस्पति के एकसाथ आकाशमंडल में नजर आने के घटनाक्रम का मोठापुरा गांव के बच्चों ने भी देखा। यहां राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेंद्र कर्मा ने रात में टेलीस्कोप से बच्चों को दिखाया। उन्होंने कहा कि गैलीरियो गैलीली ने टेलीस्कोप बनाने के बाद 1623 में सबसे पहले इस खगोलीय घटनाक्रम को करीब से देखा था। अब 15 मार्च 2080 को यह देखने को मिलेगा। बच्चों ने चमकीले शनि व नारंगी जैसे बृहस्पति को देखा। उन्होंने बताया शनि से बृहस्पति आकार में बड़ा दिखाई दिया। दोनों की आपस में लगभग 73 करोड़ किलोमीटर दूरी रही होगी। यहां बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति व शनि ग्रहों के बारे में जानकारी दी गई।

बृहस्पति व शनि के बारे में यह भी जानिए…

{ बृहस्पति की सूर्य से दूरी 77.8 करोड़ किमी है। व्यास 1,43760 वर्ग किमी है। यह सूर्य का 1 चक्कर 11.9 साल में लगाता है। अपने अक्ष पर 10 घंटे में घूम जाता है। सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। इसके 79 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं।

{शनि ग्रह की सूर्य से दूरी 142.7 करोड़ किमी है। इसका व्यास 1,20420 वर्ग किमी है। यह 29.5 साल में सूर्य का चक्कर लगाता है। इसके चारों ओर वलयाकार छल्ले सभी ग्रहों मे सुंदर बनाते हैं। शनि के 62 चंद्रमा है।



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