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- MPBSE Madhya Pradesh Board 10th 12th Exam Late Fees 2021; Examination Fees 900, Penalty 10 Thousand
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भोपाल15 मिनट पहले
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MP बोर्ड की मनमानी से 10-12वीं के 3 लाख विद्यार्थी परीक्षा फाॅर्म भरने से चूक गए हैं।
- स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने आश्वस्त किया है कि बच्चों के हित में जल्दी निर्णय लिया जाएगा
MP बोर्ड (मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल) की मनमानी प्रदेश भर के बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा के तीन लाख से ज्यादा बच्चों के माता-पिता पर भारी पड़ रही है। बोर्ड के पोर्टल http://mpbse.nic.in में गड़बड़ी और सर्वर डाउन होने के कारण अंतिम तिथि तक परीक्षा फाॅर्म भरने से चूके इन अभिभावकों से करोड़ों रुपए की लेट फीस वसूली जा रही है। आलम यह है कि परीक्षा की फीस 900 रुपए है, लेकिन दो हजार से 10 हजार रुपए तक की पेनल्टी का प्रावधान कर दिया गया है। 5 हजार रुपए तक की लेट फीस बाेर्ड पहले ही वसूलता रहा है।
15 दिसंबर थी फाॅर्म भरने की अंतिम तारीख
10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर थी। 14 करोड़ रुपए सालाना खर्च बचाने के लिए एमपी ऑनलाइन की सेवाएं छोड़कर बोर्ड खुद के पोर्टल से परीक्षा फाॅर्म भरवा रहा है। पोर्टल के सर्वर में कई दिक्कतें हैं। फाॅर्म की एंट्री डालने पर करीब 40 फीसदी फाॅर्म पोर्टल एक्सेप्ट नहीं कर रहा था। बार-बार ट्राई करने के कारण सर्वर डाउन हो रहा था। इस सर्वर पर छात्रों का डाटा अपडेट नहीं होने के कारण हजारों छात्रों के नामांकन और रोल नंबर से परीक्षा फाॅर्म नहीं खुल रहे हैं। बोर्ड की गलती का खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी तीन लाख से ज्यादा बच्चों के परीक्षा फाॅर्म भरने से वंचित रह जाने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बच्चों के हित में जल्द निर्णय लिया जाएगा।
तीन साल में साढ़े आठ करोड़, अब 60 करोड़ कमाएगा
एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों से लेट फीस के नाम पर पिछले तीन सालों में आठ करोड़ 35 लाख रुपए कमाए हैं। इस बार भी फाॅर्म भरने की तारीख नहीं बढ़ाई तो बोर्ड को सिर्फ दो हजार रुपए प्रति छात्र लेट फीस के हिसाब से ही 60 करोड़ रुपए कमाई हो जाएगी। पांच हजार रुपए लेट फीस का आंकड़े का अनुमान 31 दिसंबर के बाद ही लग पाएगा। पिछले कुछ सालों में लेट फीस से कमाई देख बोर्ड ने इस बार 10 हजार तक लेट फीस का विकल्प जोड़ दिया है।
सालों से चला आ रहा है लेट फीस का नियम
एमपी बोर्ड के PRO एसके चौरसिया ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों से तय तारीख के बाद लेट परीक्षा फीस लिए जाने का नियम अभी का नहीं है। यह नियम तो सालों से चला आ रहा है। जो नियम हैं, उसी के हिसाब से छात्रों के परीक्षा फाॅर्म भरे जाएंगे और लेट फीस भी ली जाएगी।