कोरोना के कारण इस बार नामांकन पत्र ऑनलाइन भरने की सुविधा भी रहेगी.
कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण निकायों में 2387 पोलिंग बूथ बढ़ा दिए गए हैं.आयोग ने कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सरकार से 20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट मांगा है.प्रदेश के 344 नगरीय निकायों में वोटिंग (Voting) 2 चरण में होगी.
मध्य प्रदेश में जनवरी में नगरीय निकाय चुनाव हो सकते हैं. इस चुनाव के लिए 2 चरण में वोटिंग होगी. जबकि फरवरी-अप्रैल के बीच 3 फेस में पंचायत चुनाव हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि आयोग नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम 30 जनवरी तक घोषित कर देगा. इसके बाद आयोग को पंचायत के चुनाव भी कराना हैं. पंचायत चुनाव 3 फेज में फरवरी से अप्रैल के बीच में कराने की तैयारी भी अंतिम चरण में है.
निर्वाचन आयोग की ये है तैयारी…
-कोरोना संक्रमण के कारण निकायों में 2387 पोलिंग बूथ बढ़ा दिए गए हैं.-प्रदेश के 344 नगरीय निकायों में वोटिंग 2 चरण में होगी.
-निकाय चुनाव में पहली बार ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन नामांकन फॉर्म जमा करने की सुविधा एमपी ऑनलाइन पर दी जा रही है. फॉर्म जमा करने की फीस 40 हजार रुपए तय की गई.
-आयोग ने कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सरकार से 20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट मांगा है.
-चुनाव की तारीख से 30 दिन के भीतर प्रत्याशी या उसके अधिकृत एजेंट को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास व्यय लेखा दाखिल करना होगा.
-महानगर के पार्षद को 8 लाख 75 हजार रुपये खर्च करने का अधिकार रहेगा. जबकि नगर पंचायत के पार्षद के लिए खर्च का दायरा 75 हजार रुपए तक रहेगा.