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मेलबर्न23 मिनट पहले
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टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। टीम 4 टेस्ट की सीरीज में पहला मैच हार चुकी है। इसके बाद कोहली पैटरनिटी लीव पर चले गए।
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय टीम में मतभेद होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि टीम में खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। विराट कोहली को पैटरनिटी लीव की परमीशन मिल जाती है। वहीं, टी नटराजन IPL के दौरान ही पिता बन गए थे, लेकिन वे अब तक अपनी बेटी को नहीं देख सके।
टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। टीम 4 टेस्ट की सीरीज में पहला मैच हार चुकी है। इसके बाद कोहली पैटरनिटी लीव पर चले गए। वे जनवरी में पिता बनने वाले हैं। उनकी गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे कमान संभाल रहे हैं।
अश्विन एक मैच में फेल होकर बाहर हो गए
गावस्कर ने स्पोर्ट्स स्टार के लिए कॉलम में लिखा, ‘‘रविचंद्रन अश्विन काफी लंबे समय से सिर्फ अपनी योग्यता के कारण ही खेल रहे हैं। हालांकि, इस दौरान बेबाकी के कारण कई बार उनके अभद्रता भी हुई है। वहीं, कुछ लोग होते हैं, जो मीटिंग में सिर्फ हां में सिर हिलाते दिखते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी टीम ऐसे टेस्ट बॉलर को बाहर नहीं रखना चाहेगी, जिसके नाम 350 से ज्यादा विकेट हों। साथ ही वह 4 टेस्ट शतक भी लगा चुका हो। हालांकि, अश्विन के साथ ऐसा होता है। वह एक मैच में फेल होता है, तो बाहर कर दिया जाता है। जबकि बल्लेबाजों को मौके पर मौके मिलते रहते हैं। यहां हर खिलाड़ी के लिए अलग नियम है।’’
नटराजन IPL प्लेऑफ के दौरान ही पिता बन गए थे
गावस्कर ने कहा, ‘‘एक और बॉलर है, जिसके लिए अलग नियम बनाए गए हैं। वह टी नटराजन है। वह इसके खिलाफ कुछ नहीं बोल सकता, क्योंकि वह टीम में नया है। लेफ्ट आर्म यॉर्कर स्पेशलिस्ट ने टी-20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। हार्दिक पंड्या ने भी अपनी मैन ऑफ द सीरीज की ट्रॉफी उन्हें दी थी। नटराजन IPL प्लेऑफ के दौरान ही पिता बन गए थे, लेकिन उन्हें सीधे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ले जाया गया।’’
इंडियन क्रिकेट में अलग-अलग खिलाड़ी के लिए अलग-अलग नियम
उन्होंने कहा, ‘‘यहां उन्हें सीमित ओवर की सीरीज के लिए रखा गया था। इसमें उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें टेस्ट सीरीज के लिए भी रोक लिया गया। यह भी बतौर खिलाड़ी नहीं, बल्कि नेट बॉलर के तौर पर रोका गया। जबकि उसे पहले ही घर लौट आना था और अपनी बेटी को देख लेना चाहिए था। कोहली कप्तान हैं, इसलिए पहला टेस्ट हारकर देश लौट गए हैं। यही इंडियन क्रिकेट है। अलग-अलग खिलाड़ी के लिए अलग-अलग नियम।’’