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टीकमगढ़एक दिन पहले
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टीकमगढ़| मकान टूटने का आदेश मिलने के बाद महिलाओं को नहीं मिला पीएम आवास।
शहर के रेंज ऑफिस के सामने विवादित सरकारी जमीन को दूसरे दिन दुकानदारों ने स्वयं खाली करना शुरूकर दिया। यहां दूसरे दिन भी प्रशासनिक अमला अतिक्रमण पहुँचा, लेकिन स्वेच्छा से लोगों ने अपना सामान हटा लिया। इस दौरान एसडीएम सौरभ मिश्रा, तहसीलदार आरपी तिवारी, नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, सीएमओ रीता कैलासिया के साथ कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार मौजूद थे।
अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी जमीन के दस्तावेज दिखाने पहुंचे, लेकिन किसी के मान्य नहीं हुए। कहीं वक्फबोर्ड तो कही ईदगाह की जमीन बताई गई। अधिकारियों ने कहा जमीन किसकी है यह कह नहीं सकते, लेकिन फिलहाल में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। दिन भर दुकानदार अपना सामान हटाते रहे तो वहीं पुलिस नपा के कर्मचारी भी तैनात रहे। सरकारी जमीन पर करीब 16 दुकानदार अपने गुमटियां रखकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। जिन्हें हटाया गया।
9 लोगों के अवैध मकान टूटेंगे, लेकिन उन्हें नहीं मिला आवास
यहां पर दुकानदारों के साथ-साथ वर्षों से कई परिवार रहकर अपना भरण-पोषण कर रहे हैं। जिन्हें भी इस जमीन को खाली कराने के निर्देश दिए गए। इस जमीन पर करीब 9 परिवार रहकर गुजारा कर रहे हैं, टीम ने उन्हें जगह खाली कराने के निर्देश नोटिस जारी कर दिए, लेकिन उन्हें मिलने वाले आवास को अब तक नहीं दिया गया। संजय पठान ने बताया कि अधिकारियों ने खाली करने के पहले आवास की चाबी देने की बात कही थी, लेकिन अब तक नहीं दी गई। यहां रहने वाली जरीना शाह, विस्मिल्ला, आबदा, नूर जहां, सलीम अली सहित कई लोग वर्षों से रह रहे हैं। इनका कहना है कि इतना पैसा भी नहीं है कि किराए से मकान लेकर गुजारा कर सकें। उन्होंने कि जब तक रहने के लिए आवास नहीं मिलेगा, तब तक खाली नहीं करेंगे।