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झाबुआ21 मिनट पहले
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- रिटर्न जमा कराने में 5 दिन ही शेष, पहले ही सरकार कई बार बढ़ा चुकी तारीख
आयकरदाताओं के लिए सालाना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए सिर्फ 5 दिन बचे हैं। केंद्र सरकार कोरोना के कारण पहले ही कई बार आईटीआर फाइल करने की अवधि आगे बढ़ा चुकी है। ऐसे में अब रिटर्न की तारीख और आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। आयकरदाताओं को 31 दिसंबर 2020 तक हर हाल में आईटीआर दाखिल करना ही होगा। वरिष्ठ कर सलाहकार संजय व्यास का कहना है कि जिन करदाताओं के खातों की ऑडिट नहीं होनी है, उनकी रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है, और जिनके खातों की ऑडिट होनी अनिवार्य है, उनकी उनकी रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2021 है।
परन्तु ऑडिट 31 दिसंबर तक करवाना अनिवार्य है। 31 दिसंबर के बाद फाइल किया गया तो करदाता को 10 हजार रुपए लेट फीस चुकानी होगी। रिटर्न फाइल करने से पहले फॉर्म 16, रेंटल एग्रीमेंट्स, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें, होम लोन के लिए इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, बैंक स्टेटमेंट, बैंक लोन के इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, कैपिटल गेन स्टेटमेंट, टैक्स सेविंग इंवेस्टमेंट्स तैयार रखें, ताकि रिटर्न भरने के दाैरान परेशानी न हाे।
आईटीआर फाइल करना अनिवार्य
इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, सभी टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है। आईटीआर फाइल करने के लिए अंतिम तारीख तक इंतजार करना भी ठीक नहीं माना जाता। दरअसल, आखिरी दिन से पहले आईटीआर फाइल करने के कई फायदे हैं।
समय से पहले रिटर्न दाखिल करने पर किसी प्रकार की गलती होने पर सुधारने का मौका मिल जाता है। उल्लेखनीय है कि आईटीआर में गलती होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से टैक्सपेयर पर पेनल्टी लगाई जा सकती है या नोटिस भी भेजा जा सकता है। वहीं, इसका दूसरा फायदा यह है कि टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिफंड जल्दी मिल जाता है।
200 प्रतिशत तक लग सकता है जुर्माना
अगर टैक्स रिटर्न 31 दिसंबर के बाद फाइल किया गया तो करदाता को 10 हजार रुपए लेट फीस चुकानी होगी। पांच लाख रुपए तक की आय वाले टैक्सपेयर्स को लेट फीस के तौर पर मात्र 1 हजार रुपए ही देने होते हैं। लेकिन, ज्यादा आय वालों पर यह बढ़ता जाता है। अगर आप इनकम टैक्स नहीं भरते तो आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है।