ट्रक ने देवर-भाभी को रौंदा: दो जिंदगी उजड़ने के बाद रोड किनारे से कपड़े बेचने वालों को हटाया लेकिन एसपी के निर्देश पर ध्यान नहीं

ट्रक ने देवर-भाभी को रौंदा: दो जिंदगी उजड़ने के बाद रोड किनारे से कपड़े बेचने वालों को हटाया लेकिन एसपी के निर्देश पर ध्यान नहीं


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  • After Destroying Two Lives, The Sellers Of Clothes Were Removed From The Roadside But The SP’s Instruction Was Not Heeded.

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जावरा19 घंटे पहले

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दुर्घटना स्थल पर जुटे लोगों ने पुलिस की मदद से शव को अस्पताल भिजवाया।

  • दो महीने पहले एसपी ने किया था रोड सेफ्टी ऑडिट, जो निर्देश दिए उनका आज तक नहीं हुआ पालन

भीमाखेड़ी फाटक चौराहे के पास फोरलेन पर सोमवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक द्वारा देवर-भाभी को रौंदने की घटना के बाद पुलिस ने वहां किनारे लगी ऊनी कपड़ों व खिलौनों की दुकानें हटवा दीं। ये अच्छा किया क्योंकि यहां खरीदारी के लिए अक्सर भीड़ लगती थी। बिल्कुल रोड किनारे चहल-पहल से हादसे का डर था और सोमवार को हुई घटना का कारण भी यही बताया जा रहा है।

पुलिस को प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला लेकिन लोगों का कहना था कि देवर-भाभी खिलौने खरीदने रुके और वापस टर्न लेते वक्त ट्रक की चपेट में आ गए। इसलिए तत्काल साइड क्लीयर करवा दी लेकिन ये नाकाफी है। नगर में फोरलेन पर कई डेंजर जोन हैं। यहां सुरक्षा इंतजाम के लिए दो महीने पहले एसपी गौरव तिवारी ने रोड सेफ्टी ऑडिट के दौरान कई निर्देश दिए थे। इनमें से आधे भी अमल नहीं हुए। इसलिए सिर्फ भीमाखेड़ी चौराहा ही नहीं बाकी जगह भी खतरा बरकरार है।

नगर में होकर निकल रहे जावरा-नयागांव फोरलेन पर रतलाम नाका, सर्किट हाउस रोड, पिपलौदा रोड चौराहा, चुरूवाला दाल मिल क्रॉसिंग और भीमाखेड़ी फाटक चौराहा डेंजर जोन हैं। यहां अक्सर यातायात दबाव रहता है और फोरलेन पर सरपट दौड़ते वाहन लोगों की जान लेते रहते हैं। इसे लेकर भास्कर ने कई बार मुद्दा उठाया। आखिर रोड सेफ्टी ऑडिट विजिट पर 1 नवंबर को एसपी गौरव तिवारी पूरी टीम के साथ जावरा आए।

उन्होंने उक्त सभी क्रॉसिंग देखी और कई निर्देश दिए थे। तब लग रहा था कि ये सारे इंतजाम होने के बाद हादसे रुके भले ही नहीं लेकिन काफी कम हो जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने जावरा से ढोढर के बीच कुछ अवैध क्रॉसिंग बंद की और उज्जैन, ताल रोड किनारे कुछ झाड़ियां कटवा दीं लेकिन बाकी व्यवस्था कुछ नहीं हो सकी। इसलिए हादसे उसी तरह हो रहे, जैसे पहले भी हुए।

ना सिग्नल चालू, ना प्रीमियर रोड टर्न पर तिराहा बना, ना ब्लींकिंग लाइटें लगीं
चौपाटी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल सालों से बंद है। पहले रोड पर रात्रिकालीन हादसे रोकने के लिए कैट आई व ब्लींकिंग लाइटें थी जो खराब हो गईं। सिटी में प्रवेश के बाद वाहनों की रफ्तार नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, संकेतक लगवाना थे। फोरलेन पर सिटी में सर्विस रोड बने, जहां लोगों का अतिक्रमण है। फालतू वाहन खड़े रहते है, इन्हें हटावाना था। फोरलेन से लिंक एप्रोच रोडों पर स्पीड ब्रेकर सही करना थे। चौपाटी व भीमाखेड़ी चौराहे पर हाईमास्ट है लेकिन बाकी जगह भी लगना थे। नगर में प्रीमियर मिल रोड टर्न पर क्रॉसिंग देना थी ताकि आधा ट्रैफिक यहीं से फोरलेन पर चढ़ जाए और ओवरब्रिज समीप चुरूवाला दाल मिल क्रॉसिंग पर यातायात दबाव कम हो लेकिन इनमें से कोई काम अब तक नहीं हुआ है।

बीच रोड पर बसें रोककर यात्री ट्रांसफर करते हैं चालक, इन्हें तक नहीं रोक पाए
बाकी व्यवस्था तो ठीक लंबे रूट की बसें स्टैंड पर नहीं जाती और बीच रास्ते में ही रोककर सवारी बैठाती है। इनके अलावा कई बसें ऐसी हैं जाे समय साधने के चक्कर में ओवरब्रिज या अन्य कहीं बीच में ही दोनों तरफ बसें रोककर यात्री इधर से उधर ट्रांसफर करती हैं। ये तक रोक नहीं पाए। इन लापरवाही के कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
सीएसपी बोले : दोनों स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेंगे
एसपी के निरीक्षण के बाद अब तक ठोस कदम नहीं उठाए जा सके लेकिन जब हादसा हो गया और भास्कर ने सवाल उठाए तो सीएसपी प्रदीपसिंह राणावत ने कहा कि दोनों स्पॉट हमारी नजर में हैं। एक-दो दिन में मौके पर जाकर सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करेंगे। वहां पर खड़े रहने वाले वाहनों को हटवाएंगे। संकेतक सहित अन्य व्यवस्था जुटाएंगे।



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