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इंदौर25 मिनट पहले
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जनसुनवाई में शामिल होने 150 से ज्यादा लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कोरोनाकाल में लॉकडाउन लगने के बाद मार्च से बंद जनसुनवाई की 10 महीने बाद एक बार फिर से मंगलवार से शुरुआत हो गई। कलेक्ट्रेट और नगर निगम दोनों ही जगहों पर पीड़ितों की समस्या सुनने अधिकारी सुबह 11 बजे से लेकर 1 बजे तक अपनी कुर्सी पर बैठे रहे। कलेक्ट्रेट में तो कुछ लोग जरूर अपनी समस्या लेकर पहुंचे, लेकिन निगम में इक्का-दुक्का लोग ही पहुंचे। इसका कारण जानकारी का अभाव रहा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले मंगलवार से पीड़ित बड़ी संख्या में अपनी फरियाद लेकर पहुंचेंगे।

नगर निगम में आयुक्त प्रतिभा पाल ने जनसुनवाई की।
कलेक्टर कार्यालय में जहां सुबह 10 बजे से जनसुनवाई की शुरुआत हुई। वहीं, निगम दफ्तर में 11 बजे से लोगों की फरियाद सुनने अधिकारी बैठे। कलेक्ट्रेट में इस बार कोरोना को लेकर कुछ व्यवस्था में बदलाव हुआ। यहां पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए आवेदकों के आवेदन को स्कैन किया गया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उन्हें किस कमरे में अपनी समस्या लेकर जाना है। भूमाफियाओं पर लगातार जारी कार्रवाई के कारण इस बार ऐसे प्रकरण ज्यादा सामने आए।
वहीं, निगम में पीड़ितों की संख्या नहीं के बराबर रही। यहां पर जो इक्का-दुक्का लोग आए वे निगम कमिश्नर से मिले और अपनी समस्या उन्हें बताई। सुबह 11 से 1 बजे तक निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, मुख्य नगर निवेशक, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, नगर शिल्पज्ञ, भवन अधिकारी एवं विभाग प्रमुख को अपने-अपने कक्ष में जनसुवाई के लिए बैठे। निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने भी अपने कक्ष में जनसुनवाई की। आयुक्त पाल ने बताया कि आवेदक से मिले आवेदन को रजिस्टर में अंकित कराते हुए, आवेदक को रसीद दी गई। इसके बाद उसे संबंधित विभाग में भेजा गया।