साल के आखिरी दिन घना कोहरा: शहर ने ओढ़ी कोहरे की चादर, दृश्यता रह गई सिर्फ 100 मीटर, कड़ाके की ठंड का कहर जारी

साल के आखिरी दिन घना कोहरा: शहर ने ओढ़ी कोहरे की चादर, दृश्यता रह गई सिर्फ 100 मीटर, कड़ाके की ठंड का कहर जारी


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ग्वालियर20 मिनट पहले

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साल के आखिरी दिन गुरुवार को शहर में घना कोहरा रहा है।

  • न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज हुआ
  • बुधवार को अधिकतम तापमान भी 19.8 डिग्री रहा था

साल 2020 का आखिरी दिन घने कोहरे के साथ शुरू हुआ है। सुबह-सुबह शहर ने कोहरे की चादर ओढ़ ली है। कोहरा इतना घना था कि सुबह 8 बजे दृश्यता महज 100 मीटर रह गई थी। यह तो शहर का हाल था, हाइवे पर दृश्यता और भी कम थी। शहर में शीतलहर का कहर जारी है। यही कारण है कि गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। जिस कारण हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है।

कड़ाके की ठंड के बीच नगर निगम द्वारा जलाए गए अलाव से सहारा लेते लोग।

कड़ाके की ठंड के बीच नगर निगम द्वारा जलाए गए अलाव से सहारा लेते लोग।

पूरे उत्तर भारत सहित अंचल में शीतलहर का कहर जारी है। बर्फीली हवा चलने से हाड़ कंपा देने वाली ठंड का कहर बरस रहा है। अंचल के जिले दतिया, भिंड व ग्वालियर, शिवपुरी प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंडे बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय की माने तो अभी कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। उत्तर भारत में पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद वहां से टकराकर हवा शीत लहर में बदल गई है। इसी शीत लहर के कारण दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आई है। यही कारण है कि बुधवार को अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री रहा था और गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री दर्ज किया गया है। अब तो कोहरे ने अपनी आमद दर्ज करा दी है।

कोहरे से दिन में गिरेगा तापमान

अभी तक रात का गिरता तापमान ठंड बढ़ने का कारण बना हुआ था। गुरुवार को सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है। ऐसे में अब दिन में भी तापमान गिरेगा। दिन में तापमान कम होने का मतलब है हाड़ कंपा देने वाली ठंड, क्योंकि धूप कम ही निकलेगी। यह सीजन का अभी तक का सबसे घना कोहरा है।

100 मीटर दूर का नहीं दिख रहा था

साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को कोहरा इतना घना था कि आसपास का नहीं दिख रहा था। मौसम विभाग से प्रसून पुरवर ने बताया कि शहर में दृश्यता मात्र 100 मीटर रह गई थी। जिस कारण सुबह-सुबह भी वाहनों की हेडलाइट चलानी पड़ी हैं।



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