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- Number Of Leopards In The State Increased By 88 Percent, Kanha National Park And Balaghat At Number One, Kuno At Number Two
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वंदना श्रोती | भोपाल22 मिनट पहले
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लैंड स्केप के हिसाब से भोपाल फाॅरेस्ट सर्किल में 150 से ज्यादा तेंदुए
- विशेषज्ञों का कहना मप्र में एक बाघ पर तकरीबन सात तेंदुए
- लैंड स्केप के हिसाब से भोपाल फाॅरेस्ट सर्किल में 150 से ज्यादा तेंदुए
भोपाल सहित प्रदेश में तेंदुओं की संख्या में 88 फीसदी इजाफा हुआ है। ये तेंदुए टाइगर रिजर्व के अलावा उन इलाकों में भी दिखाई दे रहे है, जहां कभी कोई वन्य प्राणी नहीं दिखाई देते थे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक बाघ पर सात तेंदुए हैं।
इनकी संख्या टाइगर रिजर्व के अलावा असंरक्षित राजस्व वनों और सेंचुरी में अधिक बढ़ी है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने तेंदुओं के आंकड़े जारी किए है। लैँड स्केप के आंकड़े फिलहाल जारी नहीं हुए हैं, लेकिन जारी मैप के मुताबिक कान्हा नेशनल पार्क और बालाघाट के सामान्य वन मंडल तेंदुओं के मामले में पहले नंबर पर है। कूनो नेशनल पार्क में गुजरात से सिंह न आए हो, लेकिन यहां पर तेंदुओं ने अपना साम्राज्य फैला लिया है।
दूसरे नंबर पर कूनो, श्योपुर व शिवपुरी का इलाका हो सकता है। तीसरे नंबर पर पन्ना नेशनल पार्क आता है। उसके बाद सतपुड़ा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क संजय दुबरी नेशनल पार्क, रातापानी सेंचुरी व औबेदु्ल्लागंज वन डिवीजन जैसे क्षेत्र शामिल है। इसमें भोपाल फाॅरेस्ट सर्किल में भी तकरीबन 150 तेंदुए हो सकते हैं। मैप में भोपाल फाॅरेस्ट सर्किल को शामिल किया गया है।
लैंड स्केप के हिसाब से अनुमानित तेंदुओं की संख्या
- कान्हा नेशनल पार्क, बालघाट- 450
- पालपुर कूनो व श्योपुर, शिवपुरी- 300
- पन्ना नेशनल पार्क- छतरपुर- 290
- पेंच नेशनल पार्क व सिवनी- 270
- सतपुड़ा नेशनल पार्क- 250
- बांधवगढ़ व शहडोल- 230
- रातापानी सेंचुरी, औबेदुल्लागंज- 150
- संजय दुबरी नेशनल पार्क- 100
बढ़ गई संख्या- 2014 की गणना में मप्र में 1817 तेंदुए थे। 2018 की गणना के अनुसार ये 3421 हो गए हैं।