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नई दिल्ली26 मिनट पहले
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सुशील कुमार कुश्ती में ओलिंपिक में 2 मेडल जीतने वाले भारत के इकलौते पहलवान हैं। वे स्कूल गेम्स फेडरेान ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी है। उन्होंने SGFI के सेक्रेटरी के खिलाफ केस भी दर्ज कराया है। (फाइल )
ओलिंपिक मेडलिस्ट रेसलर सुशील ने पूर्व सचिव के खिलाफ केस दर्ज कराया है ओलिंपिक के दो बार के मेडलिस्ट रेसलर सुशील कुमार ने कहा कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की आपसी लड़ाई के कारण उनकी ओलिंपिक की तैयारी एक महीने पिछड़ गई। इस कारण वे नेशनल चैंपियनशिप में नहीं उतर रहे। उन्होंने कहा, ‘मैं जल्द ही तैयारी शुरू करूंगा और ओलिंपिक क्वालिफाई के लिए पूरी ताकत लगाऊंगा।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि हमारे रेसलर टोक्यो ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मालूम हो कि नेशनल चैंपियनशिप के मुकाबले 23 और 24 जनवरी को नोएडा में होने हैं। इसके अलावा ओलिंपिक क्वालिफाई कर चुके बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट भी नेशनल में नहीं उतरेंगे। वे अभी देश से बाहर ट्रेनिंग कर रहे हैं। 2008 बीजिंग ओलिंपिक और 2012 लंदन ओलिंपिक के मेडलिस्ट और SGFI के पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार ने फेडरेशन के पूर्व सचिव राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि 12 नवंबर को भारत सरकार की ओर से मुझे एक पत्र मिला, जिसमें कई मुद्दों पर उनसे जानकारी मांगी गई थी। लेकिन कई बार पूछे जाने के बाद भी जानकारी नहीं दी गई। जब मैंने इस बारे में पता किया तो फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी मिली। जांच होने पर करोड़ों का घोटाला सामने आ सकता है।
एक ही खिलाड़ी के पैसे दो जगह से लिए गए
सुशील कुमार ने बताया कि पूर्व अधिकारियों ने सिर्फ मेरे फर्जी साइन ही नहीं लिए बल्कि एक ही खिलाड़ी के दो जगह से पैसे भी लिए गए है। यानी पैसों की हेराफेरी भी की गई। जैसे इंटरनेशनल खेलने वाले खिलाड़ी के पैसे राज्य से लेने के अलावा भारत सरकार से भी ले लिए। ऐसा कितने खिलाड़ियों के साथ किया गया, यह जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। उन्होंने कहा कि मैं फेडरेशन में मौजूद कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहा हूं। जानकारी के मुताबिक,SGFI के पिछले दिनों चुनाव हुए। इसमें नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन किया गया है। हालांकि इसमें सुशील को जगह नहीं दी गई है। हालांकि अभी भारत सरकार से मान्यता मिलनी बाकी है।