फीता काटना अपशगुन: फीता खोल किया कैसे का शुभारंभ मंत्री उषा ठाकुर बोली ,आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग की मदद से खुलवाया इंदौर का पहला कैफे

फीता काटना अपशगुन: फीता खोल किया कैसे का शुभारंभ मंत्री उषा ठाकुर बोली ,आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग की मदद से खुलवाया इंदौर का पहला कैफे


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इंदौर10 मिनट पहले

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कैफ़े के शुभारंभ पर फीता खोलती,मंत्री उषा ठाकुर

इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश की समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत 18 साल पूरी करने के बाद बालगृह से निकल कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाले बच्चों के लिए “फ्लाइट @18 एमपी” कैफ़े का शुभारंभ आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी द्वारा किया गया, इस दौरान महिला बाल विकास के अधिकारी मौजूद रहे। कैफे के उद्घाटन के पहले जब फीता काटने की बात कही तो सुश्री ठाकुर ने कहा की फीता काटना अपशगुन होता है ,

कैफ़े के शुभारंभ पर मंत्री उषा ठाकुर और सांसद शंकर लालवानी

कैफ़े के शुभारंभ पर मंत्री उषा ठाकुर और सांसद शंकर लालवानी

उषा ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि यह कैफे 21 वी सदी के भारत निर्माण का शुभ संकेत करता है,हमारे देश के युवा आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बने यह हम सबका प्रयास है । वही आने वाले समय में पर्यटन को बढ़ावा देने के सवाल पर कहा कि जिस तरीके से पूरे देश में कोविड-19 का असर दिखा उसके बाद धीरे-धीरे अब पर्यटन पटरी पर आ गया है , हम लोग ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक पर्यटन सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर ध्यान दे रहे हैं और वहां तैनात स्टाफ को कोविड-19 बचने और जो अतिथि आए हैं, उनको बचाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। वही राममंदिर निर्माण के जनजागरण के लिए निकाली जा रही रैलियो पर हुए पथराव के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो लोग भी धार्मिक हिंसा भड़काने का काम करेंगे सरकार उन पर कड़ी कार्रवाई करेगी। वही कैफे की शुरूआत कराने में योगदान देने वाले सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता का कहना है, कि जो बच्चे किन्हीं कारणवश बाल सुधार गृह में रह रहे थे,और वह अब 18 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं ऐसे बच्चे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें इसके लिए उन्हें महिला बाल विकास और सामाजिक संगठन के सहयोग से पहले ट्रेनिंग दी जा रही है,और उसके बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग की मदद से कैफे खुलवाए जा रहे हैं| उसी कड़ी में इंदौर में यह पहला कैफ़े हैं, आने वाले समय में और बच्चों को ट्रेनिंग देकर इस तरह से शुरू कराए जाएंगे।



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