इंदौर में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 5 की मौत, जल्द शुरू होगा वैक्सीन का ड्राई रन

इंदौर में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 5 की मौत, जल्द शुरू होगा वैक्सीन का ड्राई रन


कोरोना वैक्‍सीन (Coronavirus Vaccine). (Pic- ANI)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में कोरोना वायरस (Corona Virus) कमजोर होता दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि रिकवरी रेट बढ़कर 93.99 प्रतिशत हो गया है. वहीं डेथ रेट 1.60 फीसदी पर पहुंच गया है.

इंदौर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में कोरोना वायरस (Corona Virus) कमजोर होता दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि रिकवरी रेट बढ़कर 93.99 प्रतिशत हो गया है. वहीं डेथ रेट 1.60 फीसदी पर पहुंच गया है. शहर में जहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों का रोज का आंकड़ा 500 से ज्यादा आ रहा था, वो अब 150 से भी नीचे आ गया है. पिछले 24 घंटे में 5371 कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिसमें 143 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. जिसके बाद कुल पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 55725 हो गया है.

इंदौर शहर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या निकलना भले तो कम हो गई है, लेकिन मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है. मेडीकल बुलेटिन में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. इसके बाद अब तक 892 की लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को 188 लोग संक्रमण मुक्त हुए. अब तक 52376 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. वहीं फिलहाल 2457 लोगों का इलाज चल रहा है. इंदौर में अब तक 6 लाख 83 हजार 146 सैंपल की जांच हो चुकी है. अब वैक्सीन के ड्राय रन की तैयारी की जा रही है.

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मरीज
कोरोना की क्षेत्रवार सूची के मुताबिक सुदामा नगर विजयनगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 5-5 पॉजिटिव मरीज मिले हैं. वहीं दूसरे क्षेत्रों में इक्का-दुक्का पॉजिटिव मिले हैं. कुल 75 क्षेत्रों में 143 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है. भोपाल के बाद अब इंदौर में वैक्सीन के ड्राय रन की तैयारियां शुरू हो गईं हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर ड्राय रन शुरू कर दिया जाएगा. शहर में वैक्सीन लगाने के चिह्नित अस्पतालों में इनका ड्राय रन किया जाएगा. वैक्सीन रखने के लिए इंदौर में दो डीप फ्रीजर पहुंच चुके हैं. उनमें आइपैक बनाने का काम शुरू हो चुका है. वैक्सीन के लिए 1 लाख 68 सिरिंज भी इंदौर पहुंच गईं हैं. इंदौर में प्रथम चरण में करीब 25 हजार 755 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जानी है. इसके लिए एएनएम, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर,स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है.








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