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- The Prisoner, Who Had Escaped From The Bus Stand With Handcuffs While Going To Court, Was Caught After 6 Hours.
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ग्वालियर25 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक फोटो
- राजगढ़ के ब्यावरा बस स्टैंड पर हुई थी घटना
- पुलिस लाइन में पदस्थ हवलदार सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस जवानों को धक्का देकर हथकड़ी सहित फरार हुए दहेज प्रताड़ना के बंदी को स्थानीय पुलिस ने छह घंटे बाद पकड़ लिया था। पर इस मामले में पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आने पर एसपी ग्वालियर ने बुधवार को एक हवलदार, तीन जवानों को सस्पेंड कर दिया है। घटना 29 दिसंबर को राजगढ़ के ब्यावरा बस स्टैंड की है। जांच के बाद पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह है मामला
उदयपुरा बड़ली निवासी लाल सिंह तंवर पुत्र रतन लाल तंवर दहेज प्रताड़ना सहित अन्य आपराधिक मामलों में केन्द्रीय जेल ग्वालियर में बंद है। 29 दिसंबर को लाल सिंह की खिलचीपुर कोर्ट राजगढ़ में पेशी थी। जिसके चलते ग्वालियर पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक जगदीश, आरक्षक दीपक, आरक्षक घनश्याम और आरक्षक अतुल शिर्के उसे पेशी के लिए लेकर ब्यावरा बस स्टैंड पहुंचे। जब पुलिस जवान खिलचीपुर के लिए बस का इंतजार कर रहे थे तभी बंदी पुलिस जवानों को धक्का देकर और हथकड़ी सहित भाग गया था। इसकी सूचना पुलिस जवानों ने खिचलीपुर पुलिस, ग्वालियर पुलिस व सेन्ट्रल जेल में दी। तत्काल खिचलीपुर पुलिस अलर्ट हुई। पुलिस ने घेराबंदी की तो 6 घंटे बाद स्थानीय पुलिस के हाथ बंदी लाल सिंह आ गया। इसके बाद ग्वालियर पुलिस ने राहत की सांस ली।
लापरवाही दिखाई, निगरानी नहीं की
इसके बाद चारों पुलिसकर्मी की इस मामले में जांच शुरू हुई थी। जांच में पाया गया कि चारों पुलिस कर्मियों ने गंभीर लापरवाही दिखाई। जो जवान बंदी के हाथ में लगी हथकड़ी को पकड़कर खड़ा था वो बिल्कुल भी अलर्ट नहीं था। अन्य तीन पुलिसकर्मी भी निगरानी और अलर्ट स्थिति में नहीं थे। जिस पर एसपी ग्वालियर अमित सांघी ने बताया कि प्रधान आरक्षक जगदीश, आरक्षक दीपक, घनश्याम, अतुल को सस्पेंड कर दिया गया है।