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ग्वालियर29 मिनट पहले
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गोला का मंदिर थाना के बाहर खड़ा बस चालक, इसी बस को फोड़ा गया है।
- गोला का मंदिर चौराहा पर शुक्रवार रात की घटना
- निजी बस सर्विस वाले पहले भी करते रहे हैं हमला
बस आगे निकालने और ज्यादा सवारी भरने के विवाद पर निजी बस सर्विस के कुछ लोगों ने स्मार्ट सिटी की बस पर हमला कर दिया। चालक को बस की सीट से खींचकर सड़क पर पटका और लात घूसों से पीटा। साथ ही बस के कांच फोड़कर उसे चलाने लायक नहीं छोड़ा है। घटना शुक्रवार रात गोला का मंदिर चौराहा की है। स्मार्ट सिटी की बस पर निजी बस सर्विस से जुड़े लोगों का यह पहला हमला नहीं है। अंचल में स्मार्ट सिटी की बस को नहीं चलने देने के लिए पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं।

स्मार्ट सिटी की बस में तोड़फोड़ की पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गोला का मंदिर निवासी बलबीर सिंह बस चालक है। अभी वह ग्वालियर से भिंड जाने वाली स्मार्ट सिटी की बस पर चालक हैं। रविवार को भिंड से बस वापस लेकर ग्वालियर लौट रहे थे तभी निजी ट्रेवल्स की बस से उन्होंने अपनी बस आगे निकाल दी। गोहद से ग्वालियर तक वह बस को आगे ही लाए। इस कारण उनको यात्री भी ज्यादा मिले। अभी गोला का मंदिर बस स्टैंड पर उन्होंने बस खाली की और उसे रखने डिपो जा रहे थे तभी 5 से 6 बाइक पर सवार होकर करीब 12 से 15 युवक आए। पहले बस की चाबी खींच ली। फिर चालक बलबीर को सीट से नीचे खींचकर पीटा। साथ ही धमकाया कि हमारी बसों के आगे पीछे कभी बस चलाई तो इससे भी बुरा हाल करेंगे। बाइक सवारों ने पूरी बस फोड़ दी। घायल ने गोला का मंदिर थाना में शिकायत की है। मारपीट व तोड़फोड़ करने वाले कौन थे और किस बस सर्विस से थे यह पता नहीं चल सका है।
यह है विवाद की जड़
ग्वालियर से भिंड की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। निजी ट्रेवल्स की बस इस दूरी को दो से ढाई घंटे में तय करती हैं। किराया भी 80 से 90 रुपए लिया जाता है। सवारी भरने के चक्कर में बस को जगह-जगह रोककर रखा जाता है, जबकि स्मार्ट सिटी की बस आराम दायक हैं। किराया 70 रुपए है और यह गाड़ी बिना रुके चलती है। जिस कारण डेढ़ घंटे में भिंड से ग्वालियर पहुंचा देती है। पैसे और समय की बचत के चलते यात्री भी इसी बस में सवार होते हैं। जिस कारण निजी बस संचालकों की मनमानी नहीं चल पा रही है।