उम्मीदों के टीके में 5 दिन शेष: पहले स्वास्थ्यकर्मी, फिर निगम-पुलिस के फ्रंटलाइन वर्कर, इसके बाद 50 से अधिक उम्र वालों की बारी

उम्मीदों के टीके में 5 दिन शेष: पहले स्वास्थ्यकर्मी, फिर निगम-पुलिस के फ्रंटलाइन वर्कर, इसके बाद 50 से अधिक उम्र वालों की बारी


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नीता सिसौदिया | इंदौर2 दिन पहले

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कोरोना से मृत 910 लोगों में ज्यादातर को थी अन्य बीमारियां

  • इंदौर में कोरोना से 84% मौत इसी आयु के लोगों की

सबकुछ तय कार्यक्रम के हिसाब से चला तो महज पांच दिन बाद शहर में कोरोना का वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। यह कोरोना से जंग जीतने की बड़ी शुरुआत होगी। पहले चरण में 26 हजार स्वास्थ्यकर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा। दूसरे चरण में नगर निगम, पुलिस सहित अन्य विभागों के फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगेगा। फिर बारी आएगी 50 की उम्र पार कर चुके उन लोगों की जो हाई रिस्क जोन में है।

अभी इनके रजिस्ट्रेशन आदि की प्रक्रिया का खुलासा नहीं किया गया है। फ्रंटलाइन वर्कर्स के बाद एप को इन लोगों के लिए खोलने की संभावना है, जिस पर ये रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इधर, रविवार को 89 नए संक्रमित मिले हैं।

महिलाओं में इम्युनिटी ज्यादा … शहर में अब तक कोरोना से मरने वाले 910 लोगों में 50 साल से अधिक उम्र के 772 हैं। इनमें पुरुषों की संख्या 538 है, जबकि 234 हैं। यानी इस उम्र में भी महिलाओं की इम्युनिटी बेहतर पाई गई है।

आबादी का 20 फीसदी हिस्सा 50 वर्ष से अधिक उम्र का, प्रदेश में एक करोड़ 43 लाख

  • संक्रमितों की संख्या 56 हजार 539 तक पहुंची।
  • अधिक उम्र, पुरानी बीमारी, मोटापे के शिकार को खतरा ज्यादा।
  • 40 लाख मानी जा रही इंदौर जिले की आबादी।
  • 20% के लिहाज से 8 लाख लोगाें को लगेगा टीका।
  • प्रदेश में एक करोड़ 43 लाख लोग 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं।

कोरोना से मृत 910 लोगों में ज्यादातर को थी अन्य बीमारियां
79 अस्थमा, 447 डायबिटीज, 10 पल्मोनरी, 50 हार्ट डिसीज, 398 हाईपरटेंशन

इंदौर व भोपाल के स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर सकते हैं मोदी
मप्र में इंदौर व भोपाल की लांचिंग साइट (टीकाकरण केंद्र) सीधे दिल्ली से मॉनीटर की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी भी यहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद कर सकते हैं। चारों ब्लॉक मुख्यालय सहित जिले में सौ से अधिक केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें सभी बड़े निजी अस्पताल शामिल हैं। सोमवार को केंद्रों पर ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है। एक केंद्र पर 8 से 10 लोगों का स्टाफ रहेगा।

पहला चरण: पांच दिन में लगाना हैं 26 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को टीके
पहले चरण में इंदौर में 26 हजार स्वास्थ्यकर्मियों सहित मप्र में चार लाख 13 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। इसके लिए पांच दिन की समयावधि तय की गई है। इसके बाद दूसरी श्रेणी के फ्रंटलाइन वर्कर्स को इसका लाभ मिलेगा। एक केंद्र पर एक दिन में अधिकतम सौ लोगों को ही टीका लगाया जा सकेगा। दिल्ली से इंदौर व भोपाल के केंद्रों का लाइव टेलीकॉस्ट देखा जाएगा।

पहली खेप: तीन दिन पूर्व आ सकता है कोविड-19 का टीका
कोविड-19 के टीके के लिए केंद्रों पर व्यवस्थाओं का इंतजाम करने में सभी विभागों के अधिकारी जुटे हैं लेकिन टीका कब तक आएगा, इस बारेे में अब तक किसी के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है। 16 जनवरी से टीके लगना शुरू होंगे, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन दिन पहले यानी 13 जनवरी को कोविड का टीका मप्र पहुंच सकता है।

टीकाकरण केंद्र तैयार बस वैक्सीन का इंतजार
पोलियो हो या अन्य बीमारी। टीकाकरण के कारण ही इनका उन्मूलन संभव है। कोविड-19 वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। अज्ञानता के कारण फैली भ्रांतियों से बचना चाहिए। जल्द ही वैक्सीन प्रदेश को मिल जाएगा। टीकाकरण केंद्र बनकर तैयार हैं। पांच दिन में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लग जाएंगे। राज्य स्तर से 302 केंद्रों को सीधे निगरानी में रखा जाएगा।
– डॉ. संतोष शुक्ला, राज्य नोडल अधिकारी, वैक्सीनेशन



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