राम मंदिर निर्माण धनसंग्रह: अभियान से पहले मध्य प्रांत ने इकट्ठे कर लिए 10 करोड़ से ज्यादा

राम मंदिर निर्माण धनसंग्रह: अभियान से पहले मध्य प्रांत ने इकट्ठे कर लिए 10 करोड़ से ज्यादा


राम मंदिर निर्माण के लिए मध्य भारत प्रांत में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की ओर से दस रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक के कूपन जारी हुए हैं, जबकि 20 हजार रुपए तक का सहयोग नगद और इससे अधिक राशि चेक के माध्यम से ली जा रही है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 15, 2021, 11:43 AM IST

भोपाल. राम मंदिर निर्माण के लिए मध्य भारत  प्रांत में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है. जबकि, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए धनसंग्रह शुक्रवार से शुरू होगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की ओर से दस रुपए से लेकर दो हजार रुपए तक के कूपन जारी हुए हैं, जबकि 20 हजार रुपए तक का सहयोग नगद और इससे अधिक राशि चेक के माध्यम से ली जा रही है.

न्यास के पास पहुंची जानकारी के अनुसार ओल्ड सुभाष नगर के उमेश, राजेश और राकेश शर्मा ने 5 लाख 100 रुपए और करोंद में रहने वाले गौरीशंकर शर्मा ने 1 लाख 51 हजार रुपए सहयोग राशि दी है. सभी लगातार धन संग्रह अभियान के मप्र के अध्यक्ष अखिलेश्वरानंद सरस्वती से मिल रहे हैं. वहीं, शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री व न्यास के अखिल भारतीय सह अभियान प्रमुख विनायक राव देशपांडे भोपाल में धन संग्रह अभियान का शुभारंभ करेंगे.

धन संग्रह के लिए बनी टोलियों के साथ रहेंगे मंत्री और विधायक

न्यास द्वारा मंत्री और विधायकों के साथ नेताओं को कूपन और रसीदें नहीं दी गई हैं. वे धन संग्रह के लिए बनी टोलियों के साथ रहेंगे. टोलियों के लिए न्यास ने सभी प्रदेशों में भगवान राम के चित्र वाला पोस्टर भी भेजा है. यह उन लोगों को मिलेगा, जो एक लाख रुपए या इससे अधिक की सहयोग राशि देंगे. जो दो हजार रुपए देना चाहते हैं, उन्हें एक हजार-एक हजार के दो कूपन मिलेंगे. दो हजार से 20 हजार तक नगद, 20 हजार से अधिक राशि चैक के जरिए दी जा सकेगी. इसकी रसीद मिलेगी.मध्य प्रदेश में बनीं 60 हजार टोलियां

जानकारी के मुताबिक, मप्र में 6.5 करोड़ लोगों तक पहुंचने के लिए 60 हजार के करीब टोलियां बनाई गई हैं. मप्र के तीन प्रांत (मध्यभारत, मालवा और महाकौशल) में ये टोलियां काम करेंगी. मध्य भारत प्रांत में ही 21 हजार टोलियां काम करेंगी. इन्हें भोपाल व ग्वालियर (मध्य भारत प्रांत) के 35 लाख परिवारों तक पहुंचना है. भोपाल महानगर को 26 नगरों में बांटा गया है. फिर बस्ती और फिर टोलियां होंगी. तमाम सहयोग राशि एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी में जमा होगी.








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