लंदन स्पा सेक्स रैकेट: मामला निपटाने भोपाल क्राइम ब्रांच DSP मांग रहा इतने हजार

लंदन स्पा सेक्स रैकेट: मामला निपटाने भोपाल क्राइम ब्रांच DSP मांग रहा इतने हजार


भोपाल. क्राइम ब्रांच सवालों के घेरे में आ गई है. वजह है क्राइम ब्रांच के डीएसपी दिनेश सिंह चौहान का वो कथित वीडियो जिसमें वे स्पा संचालक से रिश्वत मांग रहे हैं. यानी जिस मामले में उन्हें निष्पक्ष जांच करनी थी उस मामले को वे पैसे लेकर निपटारा करना चाह रहे थे. उनके खिलाफ जांच जल्द शुरू हो गई है.

मामला पिछले  साल 2 दिसंबर का कोलार थाना इलाके का है. उस वक्त लंदन स्पा सेंटर पर क्राइम ब्रान्च पुलिस ने छापे मार कार्रवाई की थी. इस दौरान यहां सेक्स रैकेट से जुड़ी संदिग्ध चीजें मिली थीं. घटना स्थल से पुलिस ने 3 लड़कियों  सहित  2 युवकों  को हिरासत में लिया था. इस मामले के जांच प्रभारी डीएसपी दिनेश  सिंह  चौहान ही थे.

50 ले चुके थे 10 हजार और मांग रहे थे

जो ऑडियो वायरल हुआ है उसमें डीएसीप मामला सुलझाने  के नाम पर स्पा संचालक से पैसे की मांग कर रहे हैं. आरोपियों को छोड़ने  के नाम पर उन्होंने पहले  50 हजार रुपए मांगे और फिर दस हजार की मांग की. सोशल मीडिया में ऑडियो वायरल होने के बाद क्राइम ब्रान्च एडिसनल एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने कार्रवाई की बात कही है. पीएचक्यू और सरकार को ऑडियो  क्लिप  भेज दी गई है. जानकारी के मुताबिक इस मामले  में जांच शुरू कर दी गई है. डीएसपी  दिनेश  सिंह  चौहान  राजपत्रित अधिकारी  हैं. उन पर साशन  स्तर  पर ही कार्रवाई  होगी. हमारी वेबसाइट इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करती. डीएसपी बोले यार, कोर्ट में देना होता है…

डीएसपी : अरे, राजेंद्र तुम आते क्यों नहीं हो?

आरोपी : अरे सर, आ ही रहा था, अनिल की वाइफ का फोन आ गया था.

डीएसपी : जल्दी से आ जाओ लेकर, जल्दी आओ. यहां खड़ा हूं, वल्लभ भवन के सामने.

आरोपी : सर, मेरी बात हुई थी उनसे. वो बोल रहे थे कि उतने पैसे नहीं कर पाएंगे. थोड़े बहुत कम-वम कर देंगे.

डीएसपी : ठीक है तुम मत आओ, वैसे भी तुम्हारे बयान हो चुके हैं.

आरोपी : नहीं.. नहीं मैं आता हूं. गरीब आदमी हूं, कुछ का ही इंतजाम हुआ है.

डीएसपी : यार.. मैं ज्यादा तो नहीं बोल रहा हूं. वो तो कम है और क्या चाहिए?

आरोपी : दस हजार रुपए नहीं हो पाएंगे. 7-8 हजार रुपए की बात कर लेता हूं. सर, अब आप कर लीजिए, 50 तो मैंने पहले ही कर दिए हैं.

डीएसपी : वो बात नहीं है यार. चालान का मामला अलग है. वो कोर्ट में भी देना पड़ता है. चल कोई बात नहीं। ले आ तू, ले आ.





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