IND VS AUS: रोहित शर्मा ने कहा-ब्रिसबेन में आउट होने का पछतावा नहीं (साभार-एपी)
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ब्रिसबेन टेस्ट में 44 रन बनाकर आउट हुए, सुनील गावस्कर ने उनके शॉट की आलोचना की लेकिन टीम इंडिया के उपकप्तान को इसका कोई पछतावा नहीं
रोहित ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘आपके पास हमेशा एक योजना होती है और वास्तव में मुझे उस शॉट को खेलने का कोई पछतावा नहीं है. मैं हमेशा गेंदबाजों पर दबाव बनाना चाहता हूं. नाथन लायन चतुर गेंदबाज है और उसने मुझे ऐसी गेंदबाजी की जिसमें मेरे लिये गेंद को कुछ ऊपर उठाना मुश्किल हो गया. ‘ कमेंट्री बॉक्स में उनके शॉट चयन की आलोचना की गयी. रोहित अच्छी शुरुआत कर बड़ा स्कोर बना सकते थे जिससे भारत का स्कोर स्टंप तक दो विकेट पर 62 रन हो गया.
दबाव बनाने के लिए ऐसे शॉट खेलता हूं-रोहित शर्मा
रोहित निराशा को समझते हैं लेकिन उन्होंने बताया कि उन्होंने इस तरह का स्ट्रोक क्यों खेला. उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि यह (वो शॉट) कहीं से भी आ गया. यह ऐसा शॉट है जो मैं पहले भी अच्छा खेलता रहा हूं. मैं इस शॉट को खेलना चाहता हूं और इस टीम में इसी तरह की भूमिका निभाता हूं. जब ऐसा होता है तो यह खराब दिखता है लेकिन मैं ज्यादा नहीं सोचता क्योंकि मेरा ध्यान इस ओर होता है कि जब मैं क्रीज पर पहुंच जाऊं तो उपयोगी साबित हूं. ‘ इस सीनियर खिलाड़ी ने इस शॉट को खेलने के अपने इरादे के बारे में कहा, ‘ऐसा कहने का मतलब है कि मैं एक प्रक्रिया का पालन करना चाहता हूं. कभी कभार आप आउट हो जाते हो और कभी कभार यह रस्सी के ऊपर से चला जाता है. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मेरा आउट होना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद रहा. जैसा कि मैंने कहा कि ये मेरे शॉट हैं और मैं इन्हें खेलना जारी रखूंगा. ‘IND VS AUS: रोहित शर्मा पर भड़के सुनील गावस्कर, कहा- तुम सीनियर हो, कोई बहाना नहीं चलेगा
जैसा कि वह हमेशा ही कहते हैं कि उनके पास अपने आलोचकों की बातों पर सोचने के लिये ज्यादा समय नहीं ह, वह इसके बजाय ध्यान उस भूमिका पर लगाना चाहेंगे जो उनकी टीम उनसे चाहती है. रोहित ने कहा, ‘टीम ने मुझ पर काफी भरोसा दिखाया है. टीम मुझसे जो चाहती है, मुझे वही करना होगा और कहीं भी कुछ होता है, उसके बारे में चिंता नहीं करनी, भले ही लोग कुछ भी बात करते रहें. ‘रोहित ने अपनी सभी तीन पारियों में 27 और 52 (सिडनी में) से और ब्रिसबेन में 44 रन बनाकर शुरूआत की. उन्होंने सिडनी में और यहां ब्रिसबेन में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को बखूबी निपटने के लिये तकनीकी सांमजस्य बिठाने के बारे बात करते हुए कहा, ‘सिडनी में ज्यादा उछाल नहीं था इसलिये मैं लेग स्टंप की ओर रह रहा था और यहां मैं जानता था कि दो दाहिने हाथ के गेंदबाज (पैट कमिंस और जोश हेजलवुड) किस लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी करेंगे, वे हमेशा आपको ऑफ स्टंप के बाहर करने की कोशिश करते रहते हैं. इसलिये यहां मैं थोड़ा ऑफ स्टंप की ओर था. ‘