भारतीय टीम ने 186 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद 336 का स्कोर बनाया.
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (India vs Australia) चौथे टेस्ट में 186 के स्कोर पर छठा विकेट गंवाया. भारत पर जल्दी ऑलआउट होने का खतरा मंडराने लगा. लेकिन वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) और शार्दुल ठाकुर ( Shardul Thakur) की बेहतरीन बैटिंग और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पैन ((Tim Paine)) की गलतियों ने भारत को 336 के स्कोर तक पहुंचा दिया.
- News18Hindi
- Last Updated:
January 17, 2021, 2:12 PM IST
कमिंस-हेजलवुड को देर तक रोके रखा
भारत ने 67वें ओवर में 186 के स्कोर पर अपना छठा विकेट गंवाया. जोश हेजलवुड ने इस स्कोर पर ऋषभ पंत को आउट किया. इसके बाद भारत की कमान वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) और शार्दुल ठाकुर ( Shardul Thakur) के कंधों पर आ गई. यह मौका था जब ऑस्ट्रेलिया अपने इनफॉर्म गेंदबाज हेजलवुड और नंबर-1 गेंदबाज पैट कमिंस का इस्तेमाल कर भारतीय टीम पर दबाव बना सकता था. लेकिन कप्तान टिम पैन ने हेजलवुड-कमिंस को बॉलिंग से हटा दिया और दोनों को 80 ओवर के बाद वापस लाए.
मिचेल स्टार्क से एक्ट्रा गेंदबाजी कराईबाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क आज लय में नहीं दिख रहे थे. इसके बावजूद कप्तान टिम पैन उनसे गेंदबाजी कराते रहे. इसका फायदा भारतीय बल्लेबाजों को मिला. स्टार्क ने 23 ओवर की गेंदबाजी कर 88 रन दिए और 2 विकेट झटके.
कैमरून ग्रीन पर भरोसा ना करना
ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन ने अब तक दिखाया है कि वे अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं. लेकिन कप्तान पैन को शायद उन पर भरोसा नहीं है. टिम पैन ने सिर्फ इस मैच नहीं, पूरी सीरीज में कभी भी उन्हें लंबा स्पैल नहीं दिया. उन्हें ऐसे गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, जैसे वे मुख्य गेंदबाजों को रेस्ट देने के लिए खेल रहे हैं. छह फुट लंबे ग्रीन 135 से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं.
कप्तान टिम पैन ने कैच भी छोड़ा
मिचेल स्टार्क ने बतौर विकेटकीपर भी गलती की. उन्होंने 93वें ओवर में मिचेल स्टार्क की गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर का कैच भी छोड़ा. उस समय सुंदर 44 रन पर खेल रहे थे और भारत का स्कोर 6 विकेट पर 272 रन था.
डीआरएस लेने में 2 बार गलती की
कप्तान टिम पैन ने मैच के तीसरे दिन दो बार डीआरएस लिया और दोनों ही बार यह गलत साबित हुआ. ऑस्ट्रेलिया ने एक बार मयंक अग्रवाल के खिलाफ कैच की अपील की और डीआरएस लिया, जो गलत साबित हुआ. इसके बाद नवदीप सैनी के खिलाफ डीआरएस लेना भी ऑस्ट्रेलिया के लिए फायदेमंद नहीं हुआ.