महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कोर्ट ने नसीमुद्दीन और राम अचल राजभर की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है.
MP-MLA कोर्ट ने नसीमुद्दीन और राम अचल राजभर की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है. उन पर दयाशंकर सिंह के परिवार पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप है.
- News18Hindi
- Last Updated:
January 18, 2021, 11:28 PM IST
जानकारी के मुताबिक 22 जुलाई 2016 को दयाशंकर सिंह की मां तेतरी देवी ने हजरतगंज थाने में कराई एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें नसीमुद्दीन समेत कई बसपा नेताओं पर परिवार की महिलाओं पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया था.
इस मामले में अदालत ने उपस्थित नहीं होने पर नसीमुद्दीन को भगोड़ा भी घोषित कर दिया था.
इसी मामले पर सख्त रुख दिखाते हुए कोर्ट ने दोनों नेताओं की सम्पत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने इंस्पेक्टर हजरतगंज को 20 फरवरी को कुर्की की आख्या भी पेश करने का दिया आदेश. 12 जनवरी को सभी अभियुक्तों के खिलाफ 508, 509 ,153a, 34, 149 और पॉक्सो एक्ट में के तहत चार्जशीट दाखिल हुई थी. बताया गया है कि इस मामले में नसीमुद्दीन अर्जी देकर जमानत मांगते रहे हैं.MP में बिजली कंपनियों के निजीकरण का विरोध शुरू, वल्लभ भवन तक मार्च की तैयारी
इस बार कोर्ट सख्त हो गया. जिसके बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया. इस पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं और उनकी बेटी पर अमर्यादित टिप्पणी का किये जाने का आरोप है. बताया जा रहा है कि इस मामले में कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश पर संज्ञान के बिंदु पर आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद आरोपियों की अर्जी को खारिज कर दिया था.
इस मामले में किसी भी आरोपी ने जमानत नहीं कराई थी लिहाजा कोर्ट ने मामले के आरोपी बसपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर, राष्ट्रीय सचिव मेवा लाल, गौतम नौशाद अली एवं अतर सिंह राव को जमानत कराने का निर्देश दिया था. लेकिन आरोपीयो ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत नहीं कराई थी, इस पर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट और फरारी की उद्घोषणा का आदेश जारी किया था. सोमवार को कोर्ट ने इसी मामले में और सख्ती दिखाई है.