ऑस्ट्रेलिया की गाबा मैदान (Gabba) पर पिछले 32 वर्षों में यह पहली हार है, जबकि भारत ने यहां अपनी पहली जीत दर्ज की है. ऑस्ट्रेलिया गाबा में अंतिम बार नवंबर 1988 में वेस्टइंडीज से 9 विकेट से हारी थी. 1988 के बाद ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन में 31 टेस्ट खेले थे, जिसमें से 24 जीते और 7 ड्रॉ रहे. अब 2021 में भारत ने उसे इस मैदान पर हराकर नया रिकॉर्ड बनाया है. भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर पहला टेस्ट जीता है. इस टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने 6 टेस्ट खेले थे, जिसमें से 5 हारे और एक ड्रॉ कराया था.
IND vs AUS: सीरीज की खोज हैं ये 2 भारतीय खिलाड़ी, दिग्गजों पर भी पड़े भारी
इसी के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया में अपना सबसे बड़ा 328 रन का टारगेट चेज किया. इससे पहले भारत ने 2003 के एडिलेड टेस्ट में 233 रन का सबसे बड़ा टारगेट चेज किया था. भारत की इस बड़ी और ऐतिहासिक जीत के पांच हीरो रहे हैं:शुभमन गिल : भारत के युवा ओपनर शुभमन गिल ने ब्रिस्बेन के गाबा में पहली पारी में सिर्फ 7 रन ही बना सके, लेकिन दूसरी पारी में 91 रनों की शानदार पारी खेलकर उन्होंने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. गाबा टेस्ट के पांचवे दिन भारत को जीत के लिए 324 रनों की जरूरत थी, लेकिन रोहित शर्मा पहले ही सेशन में महज 7 रन बनाकर आउट हो गए थे. इसके बाद शुभमन गिल ने चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर पारी को संभाला. गिल ने 146 गेंदों पर 8 चौकों और 2 छक्कों के साथ 91 रनों की शानदार पारी खेली. शुभमन ने चेतेश्वर पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 114 रन की अहम पार्टनरशिप की.
IND VS AUS: ब्रिसबेन टेस्ट में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, ये हैं भारत की 5 ‘महाविजय’
ऋषभ पंत : भारतीय क्रिकेट टीम के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत पिछले काफी वक्त से आलोचना का शिकार रहे थे. खराब विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की वजह से उन्हें काफी वक्त तक प्लेइंग इलेवन से भी ड्ऱॉप होना पड़ा. आईपीएल 2020 में भी वह कुछ खास नहीं कर सके और आलोचना का शिकार हुए. ऑस्ट्रेलिया में भी उन्हें एडिलेड टेस्ट की हार के बाद प्लेइंग इलेवन में मौका मिला. पंत ने इस मौके को बखूबी निभाया और सिडनी के बाद अब गाबा टेस्ट में भी चौथी पारी के हीरो बनकर उभरे. पंत ने गाबा टेस्ट की पहली पारी में 23 रन बनाए तो वहीं दूसरी पारी में 89 रन बनाकर नाबाद रहे.
मोहम्मद सिराज : ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर मोहम्मद शमी के चोटिल होने के बाद मोहम्मद सिराज को भारतीय टेस्ट टीम में डेब्यू का मौका मिला. सिराज ने इस मौके पर अपनी काबलियत साबित की और जीत में अहम भूमिका निभाई. सिराज ने ब्रिस्बेन टेस्ट की पहली पारी में 28 ओवर में 77 रन देकर एक विकेट लिया. वहीं, दूसरी पारी में उन्होंने 19.5 ओवर में 73 रन देकर एक विकेट हासिल किया. सिराज का भारत की इस जीत में गेंद से बड़ा योगदान रहा. अपने पिता के निधन पर स्वदेश ना लौटकर सिराज ने टीम के साथ रहने का फैसला लिया और पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.
IND vs AUS: बल्लेबाजों ने सीरीज में मचाया कोहराम, टॉप 5 में तीन भारतीय हैं शामिल
वाशिंगटन सुंदर : ब्रिस्बेन के गाबा में वाशिंगटन सुंदर ने गेंद और बल्ले दोनों से अपना कमाल दिखाया. सुंदर ने इस मैच की पहली पारी में 144 गेंदों में 7 चौकों और 1 छक्के के साथ 62 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को लक्ष्य हासिल करने में बड़ी मदद की. इससे पहले गेंदबाजी में धमाल मचाते हुए सुंदर ने पहली पारी में 31 ओवर में 89 रन देकर 3 विकेट झटके थे. दूसरी पारी में सुंदर ने 18 ओवर में 80 रन देकर 1 विकेट झटका और 22 गेंदों में 29 रन की तेजतर्रार पारी भी खेली.
शार्दुल ठाकुर : वाशिंगटन सुंदर की तरह ही शार्दुल ठाकुर ने भी ब्रिस्बेन टेस्ट में हरफनमौला खेल दिखाया. ठाकुर ने पहली पारी में 24 ओवर में 94 रन देकर 3 विकेट झटके. भारत की पहली पारी में ठाकुर ने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए 115 गेंदों में 9 चौकों और 2 छक्कों के साथ 67 रन की शानदार पारी खेली. इसके बाद दूसरी पारी में ठाकुर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 19 ओवर में 61 रन देकर 4 विकेट हासिल किए.