चेतेश्वर पुजारा का खुलासा-ब्रिसबेन टेस्ट में सिर्फ चार उंगलियों से पकड़ा था बल्ला, दर्द के बावजूद खेलता रहा

चेतेश्वर पुजारा का खुलासा-ब्रिसबेन टेस्ट में सिर्फ चार उंगलियों से पकड़ा था बल्ला, दर्द के बावजूद खेलता रहा


ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर चेतेश्वर पुजारा ने 33.87 की औसत से 271 रन बनाए. (फोटो-AP)

चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने ब्रिसबेन टेस्ट में अपनी पारी के बारे में कहा कि वह दर्द के बावजूद बल्लेबाजी कर रहे थे.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 28, 2021, 12:13 PM IST

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन में खेले गए फाइनल टेस्ट में 5वें दिन भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara)  ने 56 रनों की साहसिक पारी खेली थी. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने पुजारा के शरीर को लगातार निशाना बनाया लेकिन वह चट्टान की तरह डटे रहे. पुजारा को शरीर पर 11 गेंदें लगी थी और दर्द के बावजूद वह बल्लेबाजी करते रहे. शॉर्ट गेंदों को उन्होंने अपने शरीर पर झेला और ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक भी मौका नहीं दिया. अपनी इस पारी के बारे में पुजारा ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना करना सबसे मुश्किल काम नहीं था. यह दर्दनाक हो सकता है लेकिन आप अपना विकेट नहीं दे सकते थे.

इस सीरीज के दौरान कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने पुजारा की धीमी बल्लेबाजी की आलोचना की थी. इसमें ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भी शामिल थे. अपनी आलोचना पर पुजारा कहते हैं, “एक बल्लेबाज के तौर पर मैं जानता हूं कि टीम पर क्या सूट करता है. आपको बस अपने तरीकों पर भरोसा करना होगा. इसके अलावा उंगली की चोट के कारण मेरे लिए बल्लेबाजी करना आसान नहीं था. मैं कुछ दर्द में था. मेलबर्न में ट्रेनिंग सेशन के दौरान मुझे चोट लगी थी. जब मैं सिडनी और ब्रिसबेन में बल्लेबाजी कर रहा था, तब बल्ले को ठीक से पकड़ना आसान नहीं था. जब ब्रिसबेन में मुझे फिर से चोट लगी तो मेरा दर्द बढ़ गया. मुझे चार उंगलियों से बल्ले को पकड़ना था. यह स्वाभाविक नहीं था.”

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विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की कप्तानी के बारे में पूछे जाने पर पुजारा ने कहा, “मैं किसी तुलना में नहीं जा रहा हूं. विराट वापस चले गए थे, हम पहला टेस्ट हार गए थे, कई खिलाड़ी चोटिल थे. यहां तक कि अगर विराट होता तो कई प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने पर कप्तान के तौर पर उसे भी मुश्किलें होती. यह वास्तव में सराहनीय था जिस तरह से अजिंक्य रहाणे अपने गेंदबाजों का समर्थन कर रहे थे. वह वास्तव में शांत था. पहली हार के बावजूद हम एकजुट रहे और विश्वास करते रहे कि हम इस सीरीज को जीत सकते हैं.”

पुजारा ने एडिलेड टेस्ट में मिली हार के बारे में कहा, “एडिलेड में पहले दो दिन हम आगे थे. फिर तीसरे दिन सिर्फ एक घंटे में हमने मैच से बाहर हो गए. लेकिन जिस तरह से हमने वापसी की वह मेरे क्रिकेट करियर में सर्वश्रेष्ठ वापसी थी.” इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज के बारे में पुजारा ने कहा कि चेन्नई और अहमदाबाद दोनों ही भारत के लिए अच्छे रहे हैं. हमें अपनी जमीन पर खेलने का फायदा मिलेगा लेकिन इंग्लैंड बेहतर टीम और हम चीजों को हल्के में नहीं ले सकते. उन्होंने हालिया सीरीज में श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन किया है.”








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