BHOPAL : MP में अब प्रमोशन की जगह पुलिस कर्मियों को मिलेगा उच्च पद प्रभार…

BHOPAL : MP में अब प्रमोशन की जगह पुलिस कर्मियों को मिलेगा उच्च पद प्रभार…


अभी आरक्षण में प्रमोशन का मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए सरकार ने इस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था निकाली है.

Bhopal-सरकार की इस नयी व्यवस्था से कॉन्स्टेबल को हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल को एएसआई और एसआई को निरीक्षक की जिम्मेदारी प्रभार के तौर पर मिलेगी. यह व्यवस्था कॉन्स्टेबल से सब इंस्पेक्टर तक रैंक के कर्मचारियों पर लागू रहेगी.

भोपाल.मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने अब पुलिस (Police) कर्मचारियों को आगे बढ़ाने का नया रास्ता निकाल लिया है. प्रमोशन में आरक्षण का केस कोर्ट में होने के कारण सरकार फिलहाल उन्हें प्रमोशन तो नहीं दे सकेगी,लेकिन पुलिस एक्ट में संशोधन कर मार्च से नया नियम लागू कर रही है. इसमें ये व्यवस्था है कि पुलिस स्टाफ को ऊंचे पदों का प्रभार मिल जाएगा.

सरकार की इस नयी व्यवस्था से कॉन्स्टेबल को हेड कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल को एएसआई और एसआई को निरीक्षक की जिम्मेदारी प्रभार के तौर पर मिलेगी. यह व्यवस्था कॉन्स्टेबल से सब इंस्पेक्टर तक रैंक के कर्मचारियों पर लागू रहेगी.

मनोबल बढ़ेगा, अतिरिक्त भार नहीं बढ़ेगा
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार पुलिस रेग्युलेशन एक्ट-1972 में संशोधन करने जा रही है. इस साल मार्च-2021 तक इस पर अमल शुरू हो जाएगा.गृह विभाग ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसके मुताबिक कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर स्तर तक के स्टाफ को उनसे उच्च पद का प्रभार सौंपा जाएगा. मिश्रा ने बताया कि इससे एक ओर जहां पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर सरकार पर किसी प्रकार का वित्तीय भार भी नहीं आएगा. विभागीय तौर पर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.अभी तक यह है नियम…

गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पुलिस रेग्युलेशन एक्ट 72 में अभी तक एएसआई को सब इंस्पेक्टर का प्रभार दिया जाता था. लेकिन संशोधन के बाद अब कॉन्स्टेबल को हेड कॉन्स्टेबल का प्रभार दिया जा सकेगा. इसी तरह सब इंस्पेक्टर को टीआई का प्रभार दिया जाएगा.इसके पीछे सरकार की मंशा है कि अभी इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की जो कमी है उसे जमीनी तौर पर पूरा किया जाए.

12 हजार 810 पद खाली
यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक प्रमोशन नहीं शुरू हो जाते. की प्रक्रिया शुरू होने तक रहेगी. इसके बाद नियम के साथ सरकार सभी को प्रमोशन देगी.अभी आरक्षण में प्रमोशन का मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए सरकार ने इस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था निकाली है. प्रदेश में हेड कांस्टेबल, एएसआई, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के 12 हजार 810 पद खाली हैं. मई 2016 में पदोन्नति में आरक्षण का नियम खत्म कर देने से प्रमोशन पर रोक लग गई थी. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. बीते दो साल में मप्र पुलिस के करीब 2 हजार पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके हैं. आगे भी ये संख्या बढ़ेगी.








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