कुएं में उतरकर नीलगाय का रेस्क्यू: रात में कुएं में गिरी नीलगाय, सुबह से शुरू हुआ रेस्क्यू, वन विभाग ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला

कुएं में उतरकर नीलगाय का रेस्क्यू: रात में कुएं में गिरी नीलगाय, सुबह से शुरू हुआ रेस्क्यू, वन विभाग ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला


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सागर3 घंटे पहले

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65 फीट गहरे कुएं में उतरकर नीलगाय को रेस्क्यू इक्यूपमेंट बांधते हीरालाल यादव। 

  • उत्तर वनमंडल क्षेत्र के बम्हौरी रेंगुवां गांव की घटना
  • रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने की मदद

उत्तर मंडल रेंज में आने वाले बम्हौरी रेंगुवां गांव में बीती रात एक नील गाय करीब 65 फीट गहरे कुएं में गिर गई। जिसे शनिवार दोपहर बाहर निकाला गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से नीलगाय का रेस्क्यू कर करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के ही जंगल में खुला छोड़ दिया। वन अधिकारियों ने बताया कि उत्तर वनमंडल क्षेत्र के बम्हौरी रेंगुवां गांव में रतौना रेलवे फाटक के पास करीब 65 फीट गहरा कच्चा कुआ हैं। कुएं के चारों ओर बाउंड्री नहीं होने से बीती रात एक नीलगाय कुएं में गिर गई। कुएं में करीब 3-4 फीट पानी होने से वह डूबी नहीं और रात भर कुएं में ही बाहर निकलने के लिए तड़पती रही। शनिवार सुबह गांव के संजय शर्मा ने वन विभाग को फोन कर कुएं में नीलगाय गिरने की सूचना दी। इसके बाद तुरंत मौके पर उत्तर वन मंडल और दक्षिण वन मंडल की रेस्क्यू टीमें पहुंची। कुआ अधिक गहरा व कच्चा होने और नीलगाय भारी होने से रेस्क्यू करने में काफी दिक्कत आई। शुरूआती प्रयासों में जब नीलगाय को बाहर नहीं निकाला जा सका, तब वन विभाग की रेस्क्यू टीम के सदस्य हीरालाल यादव रस्सी के सहारे कुएं में उतरे और रेस्क्यू इक्यूपमेंट नीलगाय के पैर व कमर में बांधे गए। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से नीलगाय को खींचकर कुएं से बाहर निकाला गया। करीब 4 घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोपहर 2 बजे नीलगाय कुएं से बाहर आ सकी। टीम में आकाश पासी, लखन पटेल, दीपक रैकवार, उत्तम रजक, चन्द्रप्रताप सिंह और कृष्ण कुमार प्रजापति शामिल रहे। इनके अलावा ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू करने में मदद की। वन अधिकारियों ने बताया कि कुएं की चौड़ाई अधिक होने व कच्चा होने से रेस्क्यू करने में काफी परेशानी हुई।



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