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- Now Liquor Shops Will Be Allotted By Auction Instead Of Lottery, Every Hotel Bar Approved By Urban Bodies Will Be Able To Get License
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जयपुर2 मिनट पहले
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- अब बार लाइसेंसधारी फ्रेश बीयर बनाने का मिनी प्लांट माइक्रो ब्रुवरी लगा सकेंगे
- बीयर की एमआरपी में 30 से 35 रुपए की कमी, देशी शराब की एमआरपी यथावत
- गहलोत सरकार का आबकारी से एक साल में 13 हजार करोड़ कमाने का टारगेट
गहलोत सरकार ने शराब दुकानों के आवंटन की पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। अब लॉटरी की जगह ऑनलाइन नीलामी से शराब दुकानों का आवंटन होगा। जो जितनी ज्यादा रकम सरकार को देने की बोली लगाएगा उसे शराब की दुकान का आवंटन होगा। राज्य सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए नई आबकारी नीति जारी कर दी है। नई आबकारी नीति मेें कई पुराने प्रावधान बदले गए हैं। एक व्यक्ति को प्रदेश भर में 5 से ज्यादा और एक जिले में दो से ज्यादा दुकान आवंटित नहीं की जाएंगी। आबकारी नीति में इसके लिए राइडर लगाया गया है।
शराब दुकानों की संख्या पहले जितनी ही रहेगी उनमें कोई बढोतरी नहीं होगी, अभी प्रदेश भर में अंग्रेजी और देसी शराब को मिलाकर कुल 7665 दुकानें हैं। सरकार ने अगले वित्त वर्ष में आबकारी से 13 हजार करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा है। शराब आंवटन की नई व्यवस्था में राज्य सरकार के उपक्रम गंगानगर शुगर मिल्स और स्टेट ब्रेवेरेज कॉर्पोरेशन भी भाग ले सकेंगे, ये सरकारी उपक्रम भी शराब की दुकानें चला सकेंगे। आरटीडीसी पहले से ही शराब की दुकानें चला रहा है।
बीयर की एमआरपी में 30 से 35 रुपए की कमी, देशी शराब की एमआरपी यथावत
देसी शराब की एमआरपी में कोई बढोतरी नहीं की गई है। बीयर की एमआरपी में 30 से 35 रुपए की कमी की गई है। देश में बनी अंग्रेजी शराब और बीयर पर वेेंड फीस खत्म कर दी गई है। बीयर पर अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी में 10 प्रतिशत कमी की गई है। भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेशी आयातित मदिरा के अलावा अन्य आबकारी उत्पादों पर कोविड सरचार्ज समाप्त कर दिया है।
आईएमएफएल और बीयर दुकानों पर वार्षिक लाईसेंस फीस खत्म करने सहित कई रियायतें
शहरी क्षेत्रों की भारत में बनी वदेशी शराब (आईएमएफएल) और बीयर दुकानों पर वार्षिक लाईसेंस फीस को खत्म कर दिया है। अग्रिम जमा राशि प्रावधान 14.5 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत किया गया है। आईएमएफएल और बीयर के एजुलाइज्ड बिल राशि का 7 प्रतिशत कम्पोजिट फीस होगी। आईएमएफएल पर पर आबकारी ड्यूटी और अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी और बीयर पर आबकारी ड्यूटी यथावत रखी गई है। देसी शराब पर 175 और राजस्थान मेंं बनी देशी शराब पर 185 रुपए प्रति एलपीएल आबकारी ड्यूटी और बेसिक लाइसेंस फीस 44 और 105 रुपए होगी।
बार लाइसेंसधारक अब फ्रेंश बीयर बनाने का मिनी प्लांट या माइक्रो ब्रुवरी लगा सकेंगे, अब शहरी निकायों से मंजूरी प्राप्त हर होटल बार लाइसेंस का पात्र होगा
नई आबकारी नीति में स्थानीय निकाय, प्राधिकरण और प्राधिकारी द्वारा होटल रेस्टोरेण्ट संचालन का लाईसेंस होने पर बार लाईसेंस के लिए पात्रता दी जाएगी। इसका मतलब यह कि शहरी निकायों से मंजूरी प्राप्त हर होटल बार लाइसेंस का पात्र होगा। बार लाइसेंसधारक अब फ्रेंश बीयर बनाने का मिनी प्लांट या माइक्रो ब्रुवरी लगा सकेंगे। होटल एंड रेस्टोरेण्ट बार लाईसेंस फीस यथावत रखकर साल 2021-22 के लिए लाईसेंस फीस में 10 प्रतिशत की छूट दी गई है। नए बार लाईसेंस की स्थिति में आवेदक को सम्पूर्ण फीस के स्थान पर 10 प्रतिशत ही अग्रिम जमा कराने का प्रावधान किया है।