सच्चाई की जांच: श्री नयना देवी रेंज में मिलीभगत से 35 करोड़ की खैर का अवैध कटान कर उसे दिल्ली व हरियाणा की फैक्ट्रियों में पहुंचाया, विजिलेंस जांच जारी

सच्चाई की जांच: श्री नयना देवी रेंज में मिलीभगत से 35 करोड़ की खैर का अवैध कटान कर उसे दिल्ली व हरियाणा की फैक्ट्रियों में पहुंचाया, विजिलेंस जांच जारी


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चिंतपूर्णी3 मिनट पहले

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श्री नयना देवी वन रेंज में वर्ष 2018 में खैर लकड़ी को मिलीभगत से कटवाया था जांच जारी। फाइल फोटो

  • साल 2018 में वन अधिकारियों व ठेकेदारों ने मिली भगत कर खैर को कटवाया था

हिमाचल प्रदेश के श्री नयना देवी वन रेंज के अधिकारियों व ठेकेदारों की मिली भगत से खैर की लकड़ी को कटवाया गया है। अब जब इस मामले की जांच चल रही है तो धीरे-धीरे परतें खुल रही है। 2018 में श्री नयना देवी रेंज में खैर की लकड़ी का अवैध कटान करवाया गया था। बाद में इस खेर की लकड़ी को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की कत्था फैक्ट्रियों में भी पहुंचाया गया।

विजिलेंस मामले को लेकर जांच कर रही है। जांच में पाया गया है कि खैर के करीब 18 हजार पेड़ों का अवैध कटान हुआ है। इनकी कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये है। जांच एजेंसी बाहरी राज्यों की कत्था फैक्ट्रियों से सबूत जुटाने में लगी है। जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस एफआईआर में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के नाम भी जोड़ेगी। अभी तक हुई एफआईआर में लिखा है कि अवैध कटान के लिए वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं। श्री नयनादेवी जी रेंज में साल 2018 में अवैध खैर कटान का मामला सामने आया था।

सलोआ, भाखड़ा, बड़ोह, कोट और बस्सी वन बीट में करीब 18 हजार खैर के पेड़ काटे गए हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने कई चेकपोस्टों, वन कर्मचारियों के घरों के अलावा ठेकेदारों के यहां छापे मारकर साक्ष्य जुटाए थे। मामले में पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई थी। मामले से जुड़ी करीब 50 फीसदी जांच पूरी हो चुकी है।



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