किसानों पर तमतमाएं अफसर: तहसीलदार ने गेहूं की बालियों को बताया कचरा, भड़के किसानों ने की नारेबाजी तो तहसीलदार ने एक किसान को धक्का देते कहा ज्यादा नाटक नौटंकी मत करो

किसानों पर तमतमाएं अफसर: तहसीलदार ने गेहूं की बालियों को बताया कचरा, भड़के किसानों ने की नारेबाजी तो तहसीलदार ने एक किसान को धक्का देते कहा ज्यादा नाटक नौटंकी मत करो


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सागर5 मिनट पहले

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किसान को धकलते नायब तहसीलदार एलपी अहिरवार।

  • राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की सुरखी विधानसभा के जैसीनगर का मामला
  • सोमवार दोपहर फसल का सर्वे कराने की मांग को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे थे किसान

ठंड में तुषार में खराब हुई गेहूं की फसल का सर्वे कराने की मांग को लेकर सोमवार को जैसीनगर की तहसील कार्यालय पहुंचे किसानों पर अफसर तमतमा गए। किसानों से बात करने आए नायाब तहसीलदार ने जैसी ही गेहूं की बालियों को कचरा बताया किसान आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे। एक किसान तहसीलदार के पैर छुकर सर्वे की मांग करने लगा तो गुस्साएं अधिकारी ने उसे धकलते हुए कहा कि ज्यादा नाटक नौटंकी मत करो क्या है ये? चुपचाप ज्ञापन दो। जैसीनगर क्षेत्र प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की सुरखी विधानसभा में आता है। जहां ज्ञापन देने पहुंचे किसानों के साथ यह बदसलूकी की गई है।

गेहूं की उपज को कचरा बताए जाने के बाद नारेबाजी करते आक्रोशित किसान।

गेहूं की उपज को कचरा बताए जाने के बाद नारेबाजी करते आक्रोशित किसान।

जैसीनगर तहसील के किसान ठंड में तुषार लगने से खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले भी किसान इस संबंध में मांग कर चुके थे। सोमवार को वे दूसरी बार जैसीनगर के तहसील कार्यालय पहुंचे। इस बार किसान में खेत में लगे गेहूं की बालियां भी साथ ले गए। नायाब तहसीलदार एलपी अहिरवार किसानों से बात करने आए तो सामने फर्श पर पड़ी गेहूं की बालियां देखकर तमतमा गए। तहसीलदार ने किसानों से आते ही कहा ये कचरा यहां क्यों फैलाया? ज्ञापन शांति से होता है। किसानों ने कहा कि हाथ में लेने में फैल गया वो तो अभी साफ कर देंगे, लेकिन तहसीलदार द्वारा गेहूं की बालियों को कचरा बताने से किसान भी नाराज हो गए।

तहसील कार्यालय के फर्श से गेहूं की बालियां साफ करते किसान।

तहसील कार्यालय के फर्श से गेहूं की बालियां साफ करते किसान।

तुम्हें लाखों से तनख्वाह मिल रई, हमें 10 रुपैया भारी हो रहे
मांग को लेकर राजा बिलहरा गांव से आई एक महिला किसान फूलरानी ने तहसीलदार से कहा कि जो कचरा ने हुई तो तुम खै हो का? काय पे तुम सीट पे बैठ लो हो, काय पे जे तुम रुपया धर ले हो। आज ये खौ तुम कचार बता रए। हमाए बाल-बच्चे काय में पालें, काय में का करें। हमाओ तो जो कचरा है। तुम तो तनख्वाह आ रही लाखों से हमे तो 10 रुपैया भी भारी हो रहे। साहब हरों को जो कचरा दिखा रओ। ज्ञापन देने के बाद किसानों ने तहसील कार्यालय के फर्श से गेहूं की बालियां साफ की और फिर वे चले गए।
इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार एलपी अहिरवार का कहना है कि किसान पिछले एक सप्ताह में दूसरी बार सर्वे कराने की मांग को लेकर आए थे। किसानों से किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया है। उनसे कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेज दिया है। एक-दो दिन बाद सर्वे कराएंगे।



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