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मंदसौर/नीमच4 मिनट पहले
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पुरानी संजीत स्थित गांधीसागर बैकवाटर में विकसित हो रहे टापू का नजारा।
- कंवला का मिनी गोवा और एलवी महादेव भी रूट में हैं शामिल
पर्यटन को बढ़ाने के लिए गांधीसागर बैकवाटर क्षेत्र के पुराने संजीत के कचहरी क्षेत्र में टापू विकसित किया जा रहा है। अगले माह से पर्यटकों के लिए स्टीमर शुरू हो जाएंगे। संजीत से गांधीसागर के 70 किमी के जलमार्ग में कंवला के मिनी गोवा सहित सीतामऊ के एलवी महादेव के दर्शन भी किए जा सकेंगे।
टापू के कार्य का सुपर विजन देख रहीं आरईएस की असिस्टेंट इंजीनियर स्वाति कसोट ने बताया कि यह टापू गांधीसागर बैक वाटर के बीच 30 हजार स्वेक्यर फीट जमीन पर फैला हुआ है। जलस्तर से इसकी ऊंचाई 9 मीटर है। बारिश के समय जलस्तर बढ़ने पर इसकी ऊंचाई 7.50 मीटर रह जाएगी। टापू को पानी के कटाव से बचाने के लिए चारों तरफ पिचिंग (पत्थर लगाना) की जाएगी। यहां पहुंचने के लिए अस्थायी रूप से सड़क बनेंगी।
जावरा रियासत का गांव रहा है संजीत
- 03 नदियां चंबल, शिवना और रेतम नदी के संगम स्थल के रूप में भी पहचान रही है संजीत गांव की।
- 50 किलोमीटर की दूर पर ही है यहां से नीमच जिले का रामपुरा (जलमार्ग)
- 1959 में गांधीसागर का निर्माण हुआ था तब संजीत को नई जगह बसाया। पुराना गांव तो डूब क्षेत्र में है। पुरानी संजीत में थाना कोर्ट थी, जो नई संजीत को नहीं मिली।
ऐसे संवर रहा है संजीत
- जिला मुख्यालय से 32 किमी की दूरी, टूलेन सीसी रोड।
- टापू के चारों ओर बाउंड्रीवाॅल, पिचिंग व पाैधारोपण होगा।
- टू लेन मार्ग से सुदुर सड़क, जगह-जगह बगीचे तैयार होंगे।
- जैन स्थानक मंदिर, दरगाह व मसजिद का कायाकल्प होगा।
- गांधीसागर की दूरी 70 किमी,
- 8 स्टीमर मार्च से चलेंगे।
संजीत-गांधीसागर जलमार्ग में स्टीमर के स्टॉपेज ये रहेंगे
संजीत – एलवी पर्यटक स्थल (गरोठ व सीतामऊ) – टेवा महादेव (बालोदा, गरोठ) – पुरानी लोटवास (टापू, रामपुरा) – शंकुद्वार (गरोठ एवं रामपुरा) – बर्रामा (मंदिर व जंगली क्षेत्र) – मिनी गोवा (कंवला) – मालासरी (निर्माणाधीन होटल) – सुजानपुरा भानपुरा – गांधीसागर (बोटिंग क्लब) नंबर 2।