हमीदिया में कोरोना जांच का मामला: कोरोना मरीजों की कई बार की जांच; अब कांग्रेस ने साधा मुख्यमंत्री पर निशाना, कहा प्रदेश को घोटाला प्रदेश बना दिया

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भोपाल21 मिनट पहले

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  • कोराना संक्रमित मरीज को भर्ती करने और डिस्चार्ज करने पर दो बार की 26-26 प्रकार की जांच, भर्ती मरीजों के कई मामलों में 10 से 12 बार तक की गई 26 प्रकार की जांचें

गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंध हमीदिया अस्पताल में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को डिस्चार्ज करने से पहले भी कई प्रकार की पैथोलॉजी जांच की गई। इसके चलते अस्पताल में भर्ती 3600 मरीजों की जांच का बिल 4.50 करोड़ पहुंच गया। इस मामले में शासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर अस्पताल प्रशासन से पूछा कि जांच में क्या प्रक्रिया अपनाई है। इस मामले को डीबी डिजिटल ने प्रमुखता से उठाया था। अब इस मामले में प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर कहा कि शिवराज जी मध्यप्रदेश को आपने घोटाला प्रदेश बना दिया है।

अस्पताल में मई 2020 से जनवरी 2021 के बीच करीब 3600 मरीज भर्ती हुए। इन मरीजों के कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आने और अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर दो बार 26-26 प्रकार की जांच की गई। यहीं नहीं कई लंबे समय तक भर्ती मरीजों की 26 प्रकार की जांच 10 से 12 बार तक की गई। इन जांचों के बार-बार करने को लेकर सवाल खड़े हो गए है। जिसकी शासन ने जांच शुरू कर दी है।

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दो लैब से साप्ताहिक रोस्टर से कराई जांच

अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने वाली और ना होने वाली करीब 300 जांच के लिए टेंडर किया गया था। इसमें दो निजी लैब समाधान और रैनबैक्सी पैथॉलाजी के लिए अलग-अलग जांच के लिए रेट न्यूनतम आए थे, जिसके अनुसार उनको काम दे दिया गया। लेकिन बाद में इन दोनों ही लैब को कोरोना जांच का भी काम दे दिया गया। हद तो यह है कि इसके लिए दोनों लैब को साप्ताहिक रोस्टर अनुसार काम बांटा गया। इस पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे है।

अभी 60 लाख का भुगतान

दोनों लैब का अब तक 4.50 करोड़ रुपए जांच का बिल बना है। इसमें से करीब 60 लाख रुपए का भुगतान किया गया।



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